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Delhi NCR News: संकरी गलियों में आग लगी तो बाइक से पहुंचेगी फायर सर्विस

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71 सक्रिय फायर स्टेशन हुए, सरकार का लक्ष्य 120 केंद्रों का
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20 फायर बाइक और 26 क्यूआरवी बेड़े में की शामिल, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में आग और दूसरी आपात स्थितियों में अब संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों बाइक से फायर सर्विस पहुंचेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत गीतांजलि फायर स्टेशन का उद्घाटन किया और 20 फायर रिस्पॉन्स मोटरबाइक व 26 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ दिल्ली में सक्रिय फायर स्टेशनों की संख्या 71 हो गई है। सरकार ने इसे बढ़ाकर 120 करने का लक्ष्य रखा है।

20 फायर रिस्पॉन्स मोटरबाइक को खास तौर पर संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए तैनात किया गया है। इन पर कंप्रेस्ड एयर फोम और वॉटर मिस्ट बैकपैक सिस्टम, पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर और हाई प्रेशर उपकरण लगाए गए हैं। प्रशिक्षित कर्मी बड़े दमकल वाहन के पहुंचने से पहले घटनास्थल पर पहुंचकर आग का शुरुआती आकलन और राहत-बचाव शुरू कर सकेंगे।
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26 क्यूआरवी से कुल संख्या 50 हुई
फायर सर्विस में 26 नए क्यूआरवी शामिल होने के बाद इनकी कुल संख्या 50 हो गई है। इन वाहनों में 125 लीटर क्षमता की अल्ट्रा हाई प्रेशर पंप प्रणाली, पानी और फोम टैंक, 60 मीटर हाई प्रेशर नली और मल्टी-सिस्टम नोजल हैं। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से क्यूआरवी की संख्या बढ़ाकर 100 करना है। गीतांजलि फायर स्टेशन में 16 अग्निशमन कर्मियों के साथ छोटा फायर टेंडर, एक क्यूआरवी और जरूरी बचाव उपकरण उपलब्ध रहेंगे। मालवीय नगर, गीतांजलि, शिवालिक, खिड़की, प्रेस एन्क्लेव, देवली और आसपास के इलाकों में इससे आपात स्थिति में पहुंचने का समय कम करने का प्रयास होगा। बुधनपुर माजरा में प्रशिक्षण केंद्र समेत आठ नए फायर स्टेशन और वाहन कार्यशाला भी विकसित की जा रही है।

आधुनिक उपकरणों पर भी जोर
फायर सर्विस के आधुनिकीकरण के तहत 9 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 4 शहरी खोज एवं बचाव वाहन, 44 बहुउद्देशीय वाहन, 17 कमान एवं नियंत्रण वाहन और 18 छोटे बचाव वाहनों समेत कई उपकरणों की खरीद का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती आबादी और बदलते शहरी ढांचे के बीच आधुनिक तकनीक और तेज प्रतिक्रिया क्षमता जरूरी है।

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज प्रतिक्रिया क्षमता, रणनीतिक तैनाती और आधुनिक उपकरणों से दिल्ली की आपातकालीन सेवाएं लगातार मजबूत हो रहीं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि दिल्ली के किसी भी हिस्से में आपात स्थिति पैदा होने पर मदद कम से कम समय में पहुंचे। -
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रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री


2011 में गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में दिल्ली में 107 नए फायर स्टेशन बनाने की जरूरत बताई गई थी। उस समय केंद्र और दिल्ली दोनों जगह कांग्रेस की सरकार थी। बाद में 12 साल आप पार्टी सत्ता में रही। लेकिन फायर सर्विस को अब आधुनिक बनाया जा रहा है। - आशीष सूद, गृह मंत्री
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