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Health Tips: फर्जी ब्यूटीशियन पहुंचा रहे त्वचा को नुकसान, बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें विशेषज्ञों की ये सलाह

Sun, 11 Jun 2023 11:05 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सोसाइटी ने अपने नोटिस में लिखा है कि झोलाछाप तो छोड़िए उनके पास कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ऐसे डॉक्टर भी खुद को त्वचा रोग विशेषज्ञ बताकर इलाज कर रहे हैं जिनके पास इस विभाग की न तो डिग्री है और न अनुभव।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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गर्मी के मौसम में पसीना और तेज धूप के कारण त्वचा संबंधी दिक्कतों से परेशान लोग सोशल मीडिया पर फर्जी ब्यूटीशियन के द्वारा बताए जा रहे उपायों का उपयोग कर खुद ही इलाज कर रहे हैं जिससे समस्या बढ़ रही है। इस समस्या से परेशान होकर त्वचा रोग विशेषज्ञों की सोसाइटी आईएडीवीएल ने आम जनता से किसी भी दवा का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है।

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सोसाइटी ने अपने नोटिस में लिखा है कि झोलाछाप तो छोड़िए उनके पास कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ऐसे डॉक्टर भी खुद को त्वचा रोग विशेषज्ञ बताकर इलाज कर रहे हैं जिनके पास इस विभाग की न तो डिग्री है और न अनुभव। नोटिस में लिखा गया है कि कोई भी एमबीबीएस करने वाला त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं होता। त्वचा रोग का उपचार करने वालों के पास एमडी (स्किन), डीएनबी, एफसीपीएस, डीवीडी, डीडीवी, डीडीवीएल, डीवीएल की जानकारी होनी चाहिए।
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इस बारे में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के संस्थापक और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनीष जांगड़ा ने कहा कि खुद को ब्यूटीशियन और कोस्मेटोलोजिस्ट बताने वाले अधिकतर इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट को बंद करना चाहिए। इनमें से ज्यादातर लोग स्टेरॉयड वाली क्रीम बताते हैं, जबकि यह नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं दिल्ली मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉक्टर गिरीश त्यागी का कहना है कि हमें कोई सोशल मीडिया पर बिना डिग्री के एलोपैथिक डॉक्टरी की प्रैक्टिस करता पाया गया तो हम उसपर कार्रवाई करेंगे। राम मनोहर लोहिया अस्पताल कर त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भावुक धीर ने बताया कि कई इंस्टाग्राम अकाउंट ऐसे हैं जो फंगल संक्रमण में भी लोगों को स्टेरॉयड क्रीम लगाने के लिए कहते हैं जबकि इससे लोगों को राहत के बजाय नुकसान हो सकता है।
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