गुड़गांव में आई क्विट स्मोकिंग इंडिया ने बुधवार को एक उपकरण प्रदर्शित किया। कंपनी का दावा है कि इसके उपयोग से व्यक्ति धूम्रपान की लत से छुटकारा पा सकता है।
कंपनी के एमडी कुनाल शिखरी ने कहा कि आईक्यूएस विधि से हमारे शरीर में फील गुड नामक हार्मोन बढ़ाने में मदद मिलती है।
देश भर में अब तक 200 व्यक्ति इस सॉफ्टवेयर की मदद से नशे की लत को अलविदा कह चुके हैं। यह तकनीक एक्यूपंचर पर आधारित नवीनतम शोध है।
यह इलाज तीन प्रक्रिया में होता है। काउंसलर डॉ. शिवानी ने कहा कि इलाज में पांच से 20 हजार रुपये तक का खर्च आता है।
20 फीसदी मामले में काउंसिलिंग के दौरान ही व्यक्ति ने नशे की लत छोड़ दी। इस मौके पर कंपनी के निदेशक डॉ. एसके दास, सलाहकार सत्यभूषण जैन और चेयरमैन अनिल शिखरी भी मौजूद थे।