फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में पत्नी को नहर में धकेल कर हत्या करने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया की अदालत ने दस साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी को दहेज के लिए हत्या करने का दोषी पाया गया है। यह मामला पिछले करीब सात माह से अदालत में विचाराधीन था।
अदालत में पेश मामले के मुताबिक बिहार के भोजपुर जिला निवासी हरिनाथ प्रसाद ने गत 18 मई 2014 को थाना मुजेसर में दी शिकायत में कहा था कि उसने अपनी 22 वर्षीय बेटी संजू का विवाह बिहार के आरा निवासी रवि के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद बेटी के ससुराल वाले यहां जीवन नगर में रहने लगे।
यहां आने के बाद ससुराल वालों ने उसकी बेटी को दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। कई बार उसकी बेटी को घर से निकाला गया, लेकिन हर बार उसने सुलह करवाकर उसको ससुराल वापस भेज दिया।
14 मई को रवि घुमाने के बहाने से संजू को अपने साथ ले गया। रवि ने गुड़गांव नहर पर पहुंच कर संजू को नहर में धकेल दिया। इससे उसकी मौत हो गई। हरिनाथ प्रसाद का कहना है कि शव बाद में नहर से बरामद हो गया था। इस मामले में पुलिस ने रवि को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया था।
उसी समय से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।