महिला ने अपने पति, अपनी सहेली व उसके पति पर वाइफ स्वैपिंग का आरोप लगाया है। अदालत ने मामले में आरोपी महिला व उसके पति को अग्रिम जमानत दे दी है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने फरवरी 2015 में वाइफ स्वैपिंग के लिए विवश किया। उनकी बात न मानने पर उन्होंने उससे मारपीट की व दुष्कर्म किया गया।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार त्रिपाठी ने गुड़गांव निवासी आरोपी दंपति को अग्रिम जमानत प्रदान की है। अदालत ने दंपति आरोपी को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक-एक जमानती की शर्त पर जमानत प्रदान की है।
जांच अधिकारी के बुलाने पर थाने में होगी हाजिरी
अभियोजन के मुताबिक, पीड़िता ने कालकाजी थाने में अपने पति, अपनी सहेली व उसके पति के खिलाफ 14 अक्तूबर 2015 को दुष्कर्म, दहेज प्रताड़ना व अमानत में खयानत की शिकायत दी थी।
इस शिकायत पर पुलिस ने 4 नवंबर 2015 को इन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जमानत याचिका पर बहस करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता के आरोप झूठे हैं।
पीड़िता के साथ 25 फरवरी 2015 को यह घटना हुई और उसने अक्तूबर में इसकी शिकायत पुलिस को दी जिस पर नवंबर में एफआईआर दर्ज हुई। पीड़िता आठ महीने तक पुलिस के पास क्यों नहीं गई।
पीड़िता का आरोप है कि वह और उसकी सहेली एक साथ काम करती हैं। वहां पर उसके पति की जान-पहचान उसकी सहेली से हुई। इसके बाद दोनों में जान-पहचान बढ़ी और रोज बातें होने लगीं।
पीड़िता का पति उसकी सहेली के साथ सोया
इसके बाद पीड़िता व तीनों आरोपी ऋषिकेश राफ्टिंग के लिए गए। वहां पर पीड़िता का पति उसकी सहेली के साथ सोया। आरोपियों ने पीड़िता को उसके सहेली के पति के साथ सोने के लिये कहा गया जिससे उसने इनकार कर दिया।
पुलिस एफआईआर के मुताबिक पीड़िता का पति उसे लेकर 25 फरवरी 2015 को गुड़गांव स्थित उसकी सहेली के घर लेकर गया। वहां पर भी उसके पति ने उसकी सहेली के साथ संबंध बनाए जब उसने मना किया तो उससे मारपीट की गई।
आरोपियों ने पीड़िता को उसकी सहेली के पति के साथ सोने के लिये विवश किया। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता से मारपीट की और उसके प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की।