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AAP की बैठक में हंगामा, उठे बगावत के सुर

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आम आदमी पार्टी की बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने पार्टी की नीति नियामक संस्था राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) को भंग करने की मांग की।
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साथ ही लोकसभा चुनाव में बाहरी उम्मीदवारों को उतारने पर भी सवाल उठाया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वरिष्ठ नेता उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं हैं। कुमार विश्वास के माइक संभालने के बाद कार्यकर्ता शांत हुए।

अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद के माहौल पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार शाम कांस्टीट्यूशन क्लब में बैठक बुलाई गई थी। इसके शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया।
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'चार लोगों का फैसला है पत्‍थर की लकीर'

कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी लीक से हट गई है। तीन साल में उन्होंने पार्टी को खड़ा करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन चंद लोग आज फैसला थोप रहे हैं।

कार्यकर्ता सबसे ज्यादा खफा पीएसी को लेकर दिखे। आरोप है कि चार लोग बंद कमरे में कुछ भी फैसला ले लेते हैं और वह पत्थर की लकीर बन जाता है।

उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय सीट के कार्यकर्ताओं ने कहा कि राखी बिड़लान को उम्मीदवार के तौर पर थोपा गया, जबकि वरिष्ठ नेताओं को बहुत पहले बता दिया गया था कि बिड़लान के प्रति नाराजगी है। इसके बावजूद उन्हें मैदान में उतारा गया और वह चुनाव हार गईं।

इस बात का गुस्सा है सबसे ज्यादा

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें संदेश दिया गया था कि शुक्रवार को अदालत से छूटने के बाद केजरीवाल कार्यकर्ताओं से बात करेंगे, लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि वो फिर से जेल भेज दिए गए हैं।

कार्यकर्ताओं ने पार्टी के आला नेतृत्व से लोकसभा चुनाव की हार का जवाब भी मांगा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शुरुआत से पार्टी से जुड़े लोगों को दरकिनार कर बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिया गया।

जब जनता के चंदे से चुनाव लड़े जाते हैं तो फिर उम्मीदवार चुनने का फैसला चंद लोग क्यों लेते हैं?
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'अभी बस केजरीवाल के बारे में सोचिए'

कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर उनके साथ इसी तरह खिलवाड़ होता रहा तो वे दूसरी पार्टी को वोट देंगे।

कई कार्यकर्ताओं की नाराजगी दिल्ली प्रदेश इकाई के संयोजक आशीष तलवार और सचिव दिलीप पांडेय को लेकर दिखी। भारी हंगामे के बीच जक कुमार विश्वास ने माइक संभाला तो कार्यकर्ता शांत हुए।

वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने कहा कि आपके सवाल सही हो सकते हैं, लेकिन इन्हें उठाने का समय गलत है। यह समय व्यक्तिगत कुंठा निकालने का नहीं है। आपका नेता जेल के अंदर है। आप यह सोचिए कि वह क्या खा रहा है, कहां सो रहा है। इसे बाद में सुलझा लिया जाएगा।
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