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कागजों में फंसा पेंच, शौचालय तो बन गए लेकिन लटका है ताला

Thu, 14 Jul 2016 11:58 PM IST
शाहिद मेवाती/अमर उजाला, गुड़गांव
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शौचालयों पर लटके ताले - फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ तो सरकार मेवात को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए जोर लगा रही है तो दूसरी ओर यहां तैनात अधिकारी इस अभियान की हवा निकालने में लगे हुए हैं। तावडू तहसील परिसर को ही देखिए। जहां शौचालय होने के बावजूद लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। शौचालय बने हुए करीब एक साल हो चुका है। इसका जनता ने इस्तेमाल नहीं किया है। सवाल यह है कि क्या इसी तरह से मेवात खुले में शौच से मुक्त होगा।
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इस बारे में तहसीलदार पूनम बब्बर से बात की तो उन्होंने कहा कि शौचालयों को नगर पालिका द्वारा बनवाया गया है। जिन्हें अभी तहसील को नहीं सौंपा गया है। सौंपने के बाद इन्हें आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। मतलब शौचालय तैयार है लेकिन एक विभाग से दूसरे विभाग को सौंपने में ही इतना वक्त लग गया।

तावडू तहसील के अंतर्गत 84 गांव लगते हैं। हर रोज बड़ी संख्या में लोग तहसील में अपने कामकाज के संबंध में पहुंचते हैं। इसके अलावा  तहसील में वकील, अर्ज नवीश , स्टाप वेंडर व नंबरदार भी बैठते हैं। जिनकी सुविधा के लिए तहसील में कोई शौचालय नहीं है। इसकी वजह से जरूरत पड़ने पर लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। तहसील में बैठने वाले अधिवक्ता धर्मकिशोर, लियाकत, नंबरदार हाजी यूनूस, अल्ली, हक्मुद्दीन, ताज मोहम्मद, इसराइल ने बताया कि शौचालय की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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लोगों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले बार की मांग पर बने महिला व पुरुष शौचालय पर हमेशा ताला लटका रहता है। इस बारे में नगर पालिका के एमई से बात की तो उन्होंने कहा कि आज ही तहसील अधिकारियों को शौचालयों को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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