हुडा की ग्रीन बेल्ट चलाने वाले शराब अहाते के संचालको पर किराये का भुगतान न करने का आरोप है।
27 दुकानदारों में 10 दुकानदारों को हुडा ने डिफाल्टर घोषित कर दिया है। हुडा प्रशासक ने आबकारी विभाग कराधान उपायुक्त को इनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
हुडा की ग्रीन बेल्ट पर दो साल से 27 शराब ठेकेदारों ने जगह किराए पर लिया है। इसमें 17 दुकानदारों की ओर से मामूली किराया समय पर जमा कराया गया है। जबकि दस दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने अब तक कोई किराया नहीं जमा किया है।
इनके पास हुडा का एक करोड़ रुपए से लेकर 50-50 लाख रुपया किराया बकाया है। हुडा संपदा विभाग की ओर से नोटिस का इन पर अब तक कोई असर नहीं हुआ है।
हुडा प्रशासक पीसी मीणा ने सोमवार को हुडा संपदा अधिकारी व आबकारी विभाग के लोगों के साथ बैठक की। बैठक में हुडा प्रशासक ने आबकारी विभाग को निर्देशा दिया कि वह अपने ठेकेदारों के साथ बैठक कर बकाया रकम जमा करवाए अन्यथा उनके सीलिंग की तैयारी करे।
हुडा जब इन दुकानों को सील करना होगा तो आबकारी विभाग संयुक्त रुप से साथ रहेगा। शराब माफियाओं पर हुडा की ग्रीन बेल्ट का लगभग आठ करोड़ रुपया बकाया है। हुडा प्रशासक ने बताया कि जल्द ही बकायेदारों के अहातों को सील करने की योजना तैयार की जाएगी।
शराब माफिया संग सांठ-गांठ करने वालों पर गिरेगी गाज
हुडा संपदा विभाग को ग्रीन बेल्ट का किराया नहीं मिला। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके लिए कौन जिम्मेवार है। हुडा प्रशासक की ओर से विभाग के लोग मिली भगत करने वालों को चिह्ति कर कार्रवाई करने के संकेत दिए गए हैं।