नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हुडा-डीएलएफ एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है।
डीएलएफ इसके निर्माण के लिए लंबे समय से मंजूरी का इंतजार कर रहा था। साथ ही ट्रिब्यूनल ने कंपनी को पर्यावरण और हरियाली को संरक्षित करने के निर्देश भी दिए हैं।
डीएलएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति में कंपनी की मीडिया कोऑर्डिनेटर मेघा नाथ ने बताया कि सड़क नेटवर्क सुधारने में उक्त एक्सप्रेसवे खासी मदद करेगा। इससे सड़कों पर यातायात का भार कम होगा।
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कई महीनों से परियोजना पर काम किया जा रहा था। लंबे समय से इसे मंजूरी के लिए ट्रिब्यूनल के पास भेजा गया था। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल ने सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के तहत ही एक्सप्रेस वे का निर्माण करने के निर्देश दिए हैं।
मेघा के अनुसार 8.3 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे गोल्फ कोर्स रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग आठ स्थित टोल प्लाजा को मिलाएगा। पूरा कॉरिडोर सिग्नल फ्री होगा। इसमें आठ अंडरपास बनवाए जाएंगे। पेड़ों की कटाई के मद में 10 पेड़ प्रति पेड़ की एवज में लगाए जाएंगे।
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करीब 5000 पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पूरी सड़क पर 60 एकड़ में ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर 2.5 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि इससे आईएमटी मानेसर या जयपुर और शहर के दूसरे हिस्सों में जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के लिए ट्रिब्यूनल की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था। अब जल्द ही इसका एस्टीमेट आदि बनाकर काम शुरू कर दिया जाएगा।