फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक क्लिक में जानिए कैसे फ्रैंडशिप डे को कैसे बनाएं यादगार

Wed, 29 Jul 2015 06:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
दोस्ती के इंतिहाम की घड़ी आ गई है और इंतिहान में पास होने के लिए युवाओं की तैयारी भी तेज हो गई है। अगस्त का पहला रविवार हर साल फे्रंडशिप डे के रूप में मनाया जाता है।
विज्ञापन


इस बार अगस्त का पहला दिन यानि एक तारीख दोस्ती का पैगाम लेकर आई है। फे्रंडशिप डे को लेकर शहर के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

इस दिन को अपने-अपने तरीके से मनाने के लिए युवाओं ने तैयारी शुरू कर दी है। बाजार भी इस दोस्ती के इस पर्व को भुनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

इस फ्रेंडशिप डे पर कोटेशन बैंड खास है। जिसे युवा अधिक पसंद कर रहे हैं। इस बैंड में दोस्ती से जुड़े संदेश लिखे है।

युवा चाहे तो इन संदेशों को हटाकर अपने दोस्त की फोटों के साथ यादगार पल लिखवा सकता है। इसकी कीमत 110 रुपये से 300 रुपये तक है। इसके अलावा अन्य बैंड की भी डिजाइन बदल गई है।

इस बार मोती, रेशम, लेदर, लकड़ी के डिजाइन के 5 रुपये से 1500 रुपये तक की कीमत के बैंड मिल रहे है। सेक्टर-17 स्थित आर्चिज गैलरी के देवेंद्र ने बताया कि कोटेशन बैंड और मग की ब्रिकी अधिक हो रही है।
विज्ञापन


इसके अलावा फोटो फ्रेम, ग्रिटिंग कार्ड, टेडीबियर की भी मांग अधिक है। सेक्टर- 37, 29, 19, 15, 17 और ओल्ड फरीदाबाद की गिफ्ट गैलरी में खासी भीड़ देखने को मिल रही है।

गिफ्ट विक्रेताओं का कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में ही लोगों की पसंद व मांग को देखते हुए नए गिफ्ट मंगवा लिए जाते है जिसकी खरीदारी भी जोरों पर है।

कॉलेज में दाखिला लिए अभी चार दिन हुए हैं। सभी क्लासमेट से ठीक से परिचय नहीं हुआ हैं, लेकिन दो दोस्त अनीता और प्रिया का व्यवहार अच्छा लगा है, जिन्हें मैं फ्रेडशिप डे पर फ्रैडशिप बैंड देकर अपनी दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाऊंगी।
-प्रीति शर्मा, छात्रा

फ्रेडशिप डे से एक दिन पहले सभी दोस्तों को फोन कर एक जगह मिलने का प्लान बनाया है। पूरी कोशिश है कि फ्रेडशिप डे यादगार बने। जब सब साथ होंगे तो पुरानी यादें ताजा हो जाएंगी।
-विजय सिंह, नौकरीपेशा

माता-पिता, भाई-बहन, दोस्त आदि सबके लिए खास दिन है। इस दिन को सेलिब्रेट करने के बहाने ही सब एक साथ इक्ट्ठा हो जाते है। वरना कोई नौकरी तो कोई परिवार में व्यस्त रहता है।
विज्ञापन

-दीपक पोल, नौकरीपेशा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें