एम्स में आग पर काबू पाने के लिए दीवारों पर जगह-जगह अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, लेकिन कई यंत्र की डेट एक्सपायर हो चुकी है तो कुछ पर ओवरराइट करके डेट बढ़ा दी गई है।
ऐसी स्थिति तब है जब पिछले छह माह में एम्स में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं और एक छोटी घटना घट चुकी है। एम्स में आग की घटना पर संसद में भी सवाल खड़े किए गए थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एम्स निजी वार्ड के दूसरी मंजिल पर बने हेमोटोलॉजी विभाग के आसपास दीवारों पर जो अग्निशमन यंत्र लगे हैं, उसमे एक सिलेंडर की डेट एक्सपायर हो चुकी है, जबकि दूसरे सिलेंडर की एक्सपायरी डेट को ओवरराइट कर दिया गया है।
सच्चाई क्या है यह जांच के बाद ही पता लग पाएगा। जिस जगह पर यह यंत्र लगा है उसके पहले तल पर नवजात का वार्ड है। फरवरी माह में अस्पताल में आगजनी की बड़ी घटना घटी थी, जिसमें हजारों जरूरी फाइलें जल गईं थीं। इसके बाद जांच कमेटी भी बनाई गई लेकिन आज तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है।