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GST को लेकर महिलाएं परेशान, कहा- क्या नए सिरे से बनाना होगा घर का बजट?

Sun, 02 Jul 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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GST
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एक देश...एक टैक्स यानी जीएसटी(गुड एंड सर्विस टैक्स) लागू हो चुका है। जीएसटी को लेकर गृहणियों की राय है कि इससे घर का बजट काफी प्रभावित होगा। कुछ सामानों पर 28 फीसदी टैक्स लगाए जाने को लेकर भी महिलाओं का विरोध है। वहीं ब्रांडेड कपड़ों और छोटी गाडिय़ों पर टैक्स बढने से भी महिलाएं नाराज है। महिलाओं का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें नए सिरे से घर के बजट को बनाना होगा। 
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आज के समय में बिना ब्रांड वाली खाद्य वस्तुओं का इस्तेमाल बेहद कम आय वाला वर्ग ही करता है। अब ब्रांड वाली वस्तुओं पर जीएसटी लगने से वह बजट को प्रभावित करेगा। मेरे हिसाब से अब घर केजरुरी ब्रांडेड सामान जैसे आटा, तेल, साबुन, टूथपेस्ट मंहगे हो जाएगा। लिहाजा इससे घर का बजट प्रभावित होगा ही।
-डॉ. अमृता बजाज     
 
हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और छोटी गाड़ी लेना चाहते थे लेकिन जीएसटी लागू होने से से छोटी गाड़ी मंहगी पड़ेगी। आम आदमी की बात की जाती है लेकिन छोटी गाड़ी आम आदमी की जेब पर भारी हो जाएगी। अजीब यह है कि एसयूवी व लग्जरी गाड़ी पर जीएसटी सस्ता है। जबकि आम आदमी एसयूवी व लग्जरी गाड़ी नहीं खरीद सकता है।
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-रुचि बंसल      

जीएसटी लगने से टैक्स तो बढ़ गए लेकिन सैलेरी नहीं बढ़ी है। यदि ऐसा होता कि सबकी सैलेरी बढ़ती और तब टैक्स लगते तब ठीक रहता। मेरा सोचना हैकि शिक्षा व स्टेशनरी के आइटम मंहगे नहीं होने चाहिए थे यह सीधे-सीधे घर केबजट को प्रभावित करेंगे क्योंकि हर घर में स्कूल जाने वाले बच्चे होते हैं। वहीं मूल आहार पर भी जीएसटी लगाना सही नहीं। सब्जी, फल हर घर की जरुरत है। किसी परिवार के लिए जीएसटी अनुकूल नहीं लगता है। हालांकि, जीएसटी किसानों के लिए कुछ हद तक ठीक लगता है।
-मानवता
       
ऐसा कहा जा रहा है कि जीएसटी लागू होने का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। लेकिन ऐसा लगता नहीं है। ब्रांडेड कपड़े और मेकअप का सामान, व बच्चों केस्टेशनरी का सामान मंहगा होने से घर के बजट को दुबारा बनाना पड़ेगा।
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-सुनीता भारद्वाज
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