आयकर विभाग ने मकान का किराया खर्च दिखाकर इनकम टैक्स से राहत लेने वालों पर अब शिकंजा कस दिया है। किराए की राशि पर आयकर छूट पाने के लिए मकान मालिक का पेन कार्ड नंबर देना अनिवार्य होगा। इसके आधार पर मकान मालिक के आयकर रिटर्न में किराए की राशि का रिकार्ड तलाशा जा सकेगा।
आयकर विभाग ने अब किराए पर मोटी धनराशि का खर्च दिखाकर टैक्स में छूट पाने वालों पर शिकंजा कस दिया है। इस मद में छूट से विभाग को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है।
आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि जिन व्यक्तियों को किराए की रकम दी गई बताई जाती है, वह अपने रिटर्न में इसको नहीं दिखाते हैं। अब आयकर विभाग ने टैक्स की दोहरी परीक्षण व्यवस्था लागू कर दी है। इसके चलते अब टैक्स चोरी की आशंका कम हो जाएगी।
जो व्यक्ति मकान, दुकान, फैक्ट्री, वाहन या किसी अन्य मद में किराया दिया जाना दिखाते हैं, उनको ओनर का पेन कार्ड नंबर भी देना होगा। आयकर विभाग को यह बताना होगा कि किस पेन कार्ड नंबर के धारक को किराया दिया गया है।
इसके आधार पर आयकर विभाग यह पता लगा लेगा कि किराया लेने वालों ने रिटर्न में इस धनराशि को दर्शाया है या नहीं। ऐसे में आयकर विभाग किराएदार पक्ष को छूट देकर दूसरे पक्ष से इस धनराशि पर टैक्स प्राप्त करने का प्रयास करेगा। विभाग केसूत्रों का दावा है कि जो व्यक्ति किराया लेने वाले का पेन कार्ड नंबर उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनको किराए की धन राशि पर टैक्स में छूट भी नहीं दी जाएगी।