सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि मरीज को चाह कर भी भर्ती करना मुश्किल हो रहा है। यही कारण है कि अब सरकारी अस्पताल भी निजी अस्पताल में मरीज को रेफर कर रहे हैं।
आधिकारिक तौर पर सरकारी अस्पताल निजी अस्पताल में मरीज को रेफर नहीं कर सकते, इसलिए सरकार ने निजी अस्पताल के साथ एक समझौता किया है, जहां मरीज के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। अनियंत्रित होते हालात की वजह से सरकार ने इस तरह का फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक, अपोलो अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 20 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। ये बिस्तर ईडब्ल्यूएस से अलग हैं। यहां पर मरीजों के लिए जांच, इलाज से लेकर दवा तक की मुफ्त व्यवस्था की गई है।
मुफ्त इलाज की सुविधा शुक्रवार से ही शुरू की गई है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और अपोलो में हुए समझौते के बाद यह निर्णय डेंगू मरीजों के लिए किया गया है।
मालवीय अस्पताल से भी मरीजों को शिफ्ट करने की हुई व्यवस्था
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमिता सक्सेना ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का अपोलो के साथ समझौता होने के बाद अस्पताल के एंबुलेंस से 10 मरीजों को एलबीएस से अपोलो शिफ्ट किया गया है।
दिल्ली गेट स्थित लोक नायक और पटेल नगर स्थित मदन मोहन मालवीय अस्पताल से भी मरीजों को अपोलो में शिफ्ट करने की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को मदन मोहन मालवीय अस्पताल से भी एक मरीज को शिफ्ट किया गया।
दरअसल, पूर्वी दिल्ली के एलबीएस, दिल्ली गेट स्थित लोक नायक और पटेल नगर स्थित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में डेंगू मरीजों का अतिरिक्त दबाव है। यहां के हालात इतने खराब हैं कि मरीज को भर्ती करना संभव नहीं हो पा रहा है, इसलिए सरकार की ओर से फिलहाल इन तीन अस्पतालों से अपोलो में मरीज रेफर करने की व्यवस्था की गई है।
डेंगू मरीजों के लिए कैट्स एंबुलेंस
फीवर और डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट ट्रामा सर्विसेज (कैट्स) को भी उतार दिया गया है। अभी तक कैट्स का इस्तेमाल गर्भवती, सड़क हादसे की स्थिति में ही मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाता था।
जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य निदेशालय से निर्देश दिया गया है कि फीवर और डेंगू पीड़ित मरीजों की ओर से कॉल आए तब भी उसे अटेंड करना है और मरीज को अस्पताल पहुंचाना है।
छोटे नर्सिंग होम्स से बड़े अस्पताल में मरीज को शिफ्ट करने के लिए भी कैट्स को जाना होगा। पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से डेंगू और फीवर के मरीजों को ताहीरपुर स्थित सुपर स्पेशयलिटी में मरीजों को शिफ्ट करने के लिए कैट्स एंबुलेंस की मांग की गई है।