सिविल लाइन स्थित जिला नागरिक अस्पताल दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को खुला। इस वजह से अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन अस्पताल का सर्वर ठप होने के कारण मरीज परेशान नजर आए। कंप्यूटर सिस्टम न चलने से मरीजों को अपना पंजीकरण करवाने के लिए दो से ढाई घंटे घंटे लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। वहीं ओपीडी में डॉक्टरों ने मात्र दो मिनट में ही उनकी जांच कर फारिक कर दिया। मरीजों को दवा लेने के लिए भी काफी पसीने छुड़ाने पड़े। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटीस्कैन व एमआरआई के लिए भी मरीज लंबी लाइनों में लग परेशानियों से दो-चार होते नजर आए। इससे सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों के साथ महिलाओं व बच्चों को उठानी पड़ी। पेश है अमर उजाला संवाददाता शुभम अरोड़ा और फोटो जर्नलिस्ट सुदर्शन झा की लाइव रिपोर्ट।
स्थान: पंजीकरण काउंटर
मरीज कार्ड बनवाने के लिए सुबह पंजीकरण काउंटर खुलने से पहले ही लाइनों में लगे रहे। काउंटर खुलते ही यहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। करीब 11 बजे सर्वर अचानक ठप हो गया। जिसके कारण मरीजों के कार्ड नहीं बन पाए। दो घंटे बाद सर्वर चला, लेकिन तब तक आधे मरीज बिना इलाज करवाए ही वापस लौट गए।
स्थान: ओपीडी
अस्पताल खुलते ही ओपीडी में इलाज के लिए भी मरीजों की लंबी लाइनें लगी रही। बोझ बढ़ने के कारण डॉक्टरों ने महज कुछ मिनट में जांच कर फारिक कर दिया। वहीं दोपहर बाद ओपीडी कार्ड न बनने के कारण ओपीडी में सन्नाटा छा गया।
स्थान: इमरजेंसी
ओपीडी में भीड़ के चलते मरीज इलाज के लिए इमरजेंसी में पहुंचने लगे। जिसके कारण इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण गंभीर हालत में लाए गए मरीजों को भी नंबर के इंतजार में स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ा।
स्थान: दवा काउंटर
इलाज के बाद दवा लेने में भी मरीजों व उनके परिजनों के पसीने छूट गए। भीड़ ज्यादा होने के कारण यहां भी मारामारी रही। मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई पुरानी दवाइयां भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाईं।
मेडिकल ने बढ़ाई परेशानी
पुलिस में भर्ती हुए नए जवानों का मंगलवार को मेडिकल हुआ। 250 जवान मेडिकल के लिए अस्पताल पहुंचे थे। ओपीडी समय में इन जवानों के मेडिकल होने से मरीजों को इलाज मिलने में देरी हुई। जांच करवाने के लिए भी मरीजों को इनके कारण भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
छुट्टी के बाद अस्पताल खुलने पर मरीजों का दबाव ज्यादा रहा। अचानक तकनीकी खराबी के कारण सर्वर बंद हो गया था, जिसे थोड़ी देर में ठीक करवा दिया था। मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर भी चालू किए गए थे।
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डॉ. मनीष राठी, अस्पताल प्रबंधक