फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्मनाक है सीएम को गाय भेंट करने वाले गांव की सच्चाई

Mon, 28 Sep 2015 07:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
खंड के गांव पाठखोरी में पशुओं की देखरेख के लिए बनाई गई पशु अस्पताल पर पिछले कई महीनों से ताला लटका हुआ है।
विज्ञापन


यह वही गांव है जिसने बीते दिन प्रदेश के मुयमंत्री मनोहर लाल खट्टर को गाय भेटकर पशुपालन को बढ़ावा देने का संदेश दिया था।

दर्जनों गांवों के लिए बनाए गए इस पशु अस्पताल के बंद रहने से पशुपालक काफी परेशान हैं जिसके चलते वह अपने बीमारु पशुओं का इलाज अपने स्तर पर अन्य स्थानों पर कराने को मजबूर हैं। ग्रामीण पशुपालकों ने स्थानीय एसडीएम से पशु अस्पताल को खुलवाने की गुहार लगाई है।

पाठखोरी के ग्रामीण पशुपालक साजिद हुसैन, कमरुदीन, साहून खान, हिस्सी और रहीश खान ने बताया कि उनके गांव में बना पशु अस्पताल कई-कई दिनों तक बंद रहता है। जिसके चलते आस-पास के लगते ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन


इसे वर्ष 2007 में सरकार ने इससे लगते जलीखोरी, ढ़ाढोली, चैनपुरी, नांगल, हसनपुर बिलोंड़ा आदि गांवों में पशु पालन को बढ़ावा देने तथा उनका उपचार करने के लिए यह अस्पताल बनवाया गया था लेकिन इसमें तैनात पशु चिकित्सकों की मनमानी के चलते यह अस्पताल महीने भर बंद रहता है जिससे ग्रामीणों को अपने बीमारु पशुओं का इलाज मजबूरन बाहरी स्थानों पर कराना पड़ता है।

ग्रामीणों ने फिरोजपुर झिरका के एसडीएम एवं पशु पालन विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि पशु अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चत की जाए जिससे ग्रामीण पशु पालकों को परेशान न होना पड़े।
विज्ञापन


इस विषय पर फिरोजपुर झिरका पशु पालन विभाग के एसडीओ डॉ. विजेन्द्र धवन का कहना है कि अगर पाठखोरी के अस्पताल में चिकित्सक नहीं पहुंच रहें तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें