रेल मंत्री सुरेश प्रभु बृहस्पतिवार को रेल बजट पेश करेंगे। देश भर के लोगों की तरह ही गाजियाबादियों को भी इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।
‘प्रभु’ की ‘झोली’ से गाजियाबाद के रेल यात्रियों के लिए इस बार कोई तोहफा निकलेगा या नहीं ये तो नहीं पता, लेकिन गाजियाबादियों ने इस बार भी चंद सुविधाएं मांगी हैं।
दैनिक यात्री संघ ने बीते आठ साल पुरानी उम्मीद इस बार भी दोहराई है। संघ ने गाजियाबाद, नया गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन पर 14 महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज दिए जाने की मांग की है।
इस मांग को लेकर उन्होंने रेल मंत्रालय को ज्ञापन भी भेजा है। सीनियर सिटीजंस ने रिजर्वेशन टिकट की तरह एमएसटी में भी छूट की मांग की है।
होम प्लेटफार्म बनने से एक तरफ तो यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में आसानी होती है, दूसरी ओर होम प्लेटफार्म पर ही अधिकारियों के कार्यालय होने से सुरक्षा भी चाक चौबंद रहती हैं। स्टेशन पर होम प्लेटफार्म नहीं हैं।
16 मेल-एक्सप्रेस के स्टॉपेज दे दो अबकी बार
दैनिक यात्री संघ ने पुराना गाजियाबाद स्टेशन पर नई दिल्ली-आजमगढ़ कैफियत एक्सप्रेस, नई दिल्ली-पटना मगध एक्सप्रेस, वाराणसी-दिल्ली गरीबरथ और दिल्ली-काठगोदाम संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के स्टॉपेज दिए जाने की मांग की है।
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और दरभंगा स्वतंत्रता सेनानी ट्रेनों को दिल्ली से चलते समय गाजियाबाद में स्टॉपेज दिए जाने की मांग की गई है। नए गाजियाबाद स्टेशन पर उज्जैनी, उत्कल, जालंधर एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी के स्टॉपेज दिए जाने की मांग की गई है।
दिल्ली के लिए ईएमयू की मांग
गाजियाबाद से दिल्ली जाने-आने के लिए सुबह और शाम में तो कई ईएमयू ट्रेनें हैं, लेकिन सुबह 11:30 बजे के बाद दिल्ली जाना हो तो फिर 3 बजे तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।
इसके बीच दिल्ली-शाहदरा के लिए कोई ईएमयू नहीं है। दैनिक यात्री संघ ने 11:30 बजे से दो बजे के बीच गाजियाबाद से वाया शाहदरा दिल्ली तक ईएमयू चलाने की मांग की है। इसके साथ ही महिला सुरक्षा के मद्देनजर इनमें सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग है।
ईएमयू में हो टॉयलेट्स
दिल्ली से टूंडला, अलीगढ़ तक करीब पांच से सात घंटे का सफर लोग ईएमयू ट्रेनों से करते हैं। लेकिन इन ट्रेनों में टॉयलेट्स नहीं है।
ऐसे में लोगों की मांग हैं कि ईएमयू ट्रेनों में टॉयलेट्स की व्यवस्था की जानी चाहिए। दो घंटे से ज्यादा लंबे सफर वाले रूट पर ईएमयू की बजाय पैसेंजर ट्रेनों के चलाने की मांग की जा रही है।
फिर शुरू हो माल बुकिंग
दिल्ली में थोक मार्केट होने से गाजियाबाद के व्यापारी वहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सामान मंगाते हैं। लेकिन गाजियाबाद में माल बुकिंग न होने की वजह से न तो यहां से कहीं माल भेजा जा सकता है और न हीं मंगाया जा सकता है।
पूर्व में यहा पार्सल बुकिंग थी, लेकिन कई साल पहले इस सुविधा को यहां से खत्म कर दिया गया है।