प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे दिन के वादे को चुनौती दे रही कमरतोड़ महंगाई ने सरकार को ऐसा असहज कर दिया है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह को बचाव में उतरना पड़ा है।
बतौर गृहमंत्री अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में राजनाथ ने आंतरिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे को दरकिनार कर सिर्फ दिल्ली में जमाखोरी रोकने और महंगाई को काबू में रखने की योजना का ब्योरा भर दिया।
महंगाई को राजनीतिक रंग देते हुए राजनाथ ने कहा कि हालात यूपीए-2 सरकार का बिगाड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई को काबू में करते हुए हालात पटरी पर लाने में वक्त लगेगा।
राजनाथ ने दिए सख्त निर्देश
गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में प्याज और आलू जैसी जरूरी खाद्य पदार्थों की मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के उपायों पर काम करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग व मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में फल और सब्जियों की मोबाइल गाड़ियों की संख्या 60 से 200 करने का निर्देश दिया है।
यह चीजें उचित मूल्य पर मिलती रहें, इसके लिए सरकारी इमारतों में भी विक्रय केंद्र लगाए जाएंगे। यहां आम जनता भी खरीदारी कर सकती है।
अगले महीने बढ़ सकते हैं सब्जियों के दाम
राजनाथ के मुताबिक फिलहाल सरकारी इमारतों में 40 जगहों पर विक्रय केंद्र काम कर रहे हैं। इसकी संख्या तीन सौ किए जाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। लिहाजा सरकार जमाखोरी रोकने की पूरी कोशिश में है। पिछले एक महीने में दिल्ली में एक हजार से भी ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई है।