माना जा रहा है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति बिगड़ने से सीधे केंद्र सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा था, इसीलिए केंद्र सरकार की छवि बचाने के लिए गृह मंत्रालय सक्रिय हुआ।
दरअसल, दिल्ली की प्रशासकीय स्थिति अलग होने के कारण यहां हर कार्य में दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच में बार-बार टकराव होता रहा है। दोनों के अधिकार क्षेत्र के मामले कई बार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुके हैं।
पूनिया का कहना है कि कुछ ही दिनों में बिहार में चुनाव का सामना करना है। अगर केंद्र सरकार यहां असफल होती है, तो उसे बिहार में इस सवाल का जवाब देना पड़ सकता है।
जनता पूछ सकती है कि अगर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री, उपराज्यपाल और नगर निगम तक पूरी मशीनरी हाथ में रहने के बाद भी अगर भाजपा दिल्ली नहीं संभाल सकी तो वह बिहार की स्थिति को कैसे कंट्रोल करेगी?
अमित शाह को इस सवाल का बखूबी अंदाजा है, यही कारण है कि अब वे आगे बढ़कर स्थिति कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली के सभी राजनीतिक दलों की एक संयुक्त बैठक बुलाई है। इस बैठक में दिल्ली के सभी राजनीतिक दलों का साथ लेकर कोरोना से निबटने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
पूनिया कहते हैं कि सभी दलों को साथ लेने की यह कोशिश केवल मीडिया को दिखाने का काम है। अगर भाजपा सबको साथ लेकर कोरोना से निबटना चाहती है तो उत्तर प्रदेश में वह विपक्ष की आवाज बंद करने की कोशिश क्यों कर रही है जहां श्रमिकों और गरीबों की आवाज उठाने के कारण कांग्रेस नेता अजय लल्लू को जेल में डाल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सबको साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि यह ऐसी बीमारी है, जिसे सरकार भी अकेले के दम पर नहीं हरा सकती। उसे सबको साथ लेना चाहिए।
अमित शाह के साथ रविवार की बैठक में शामिल एनडीएमसी के नेता अवतार सिंह कहते हैं कि कोरोना से निबटने के मामले में कोई सरकार तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक कि प्रशासन के सबसे निचले स्तर तक से पूरा सहयोग नहीं लिया जाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार नगर निगमों से पूरा सहयोग नहीं ले रही है। कोरोना के संकट काल में भी उनके लिए डॉक्टरों को वेतन देना संभव नहीं हो पा रहा है, क्योंकि दिल्ली सरकार उन्हें फंड नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के सबसे निचले स्तर तक साफ-सफाई करने, लोगों को प्राथमिक सुविधाएं पहुंचाने और प्राथमिक इलाज करने का काम नगर निगमों से बेहतर कोई दूसरा नहीं कर सकता।