दिल्ली में सरकार बनाने की अटकलों के बीच इस सवाल को लेकर बहस तेज हो गई है कि बहुमत के लिए जरूरी 35 सीटों का जुगाड़ बीजेपी कैसे करेगी।
फिलहाल बीजेपी के पास कुल 32 विधायक हैं जिनमें शिरोमणी अकाली दल का एक विधायक भी शामिल है। गौरतलब है कि इन 32 विधायकों में से तीन- हर्षवर्धन, रमेश बिधूरी और परवेश वर्मा लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं।
हालांकि इन्होंने अभी तक विधान सभा से इस्तीफा नहीं दिया है। बावजूद इसके बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगर उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाता है तो बहुमत के लिए जरूरी नंबर का इंतजाम कर लेंगे।
इस बीच खबर ये भी है कि संसद के लिए निर्वाचित तीनों सांसद हर्ष वर्धन, बिधूरी और वर्मा सदन में मतदान कर सकते हैं।
इनके अलावा आम आदमी पार्टी से निकाले गए विनोद कुमार बिन्नी, निर्दलीय विधायक रनबीर शौकीन और शोएब इकबाल भी भाजपा के पक्ष में वोट कर सकते हैं।
इस तरह बहुमत के लिए जरूरी 35 का आंकड़ा बहुत आसान दिखता है। हालांकि इस पूरे खेल में विनोद कुमार बिन्नी तुरूप का पत्ता साबित हो सकते हैं क्योंकि अभी तक उन्होंने इस मामले पर कुछ भी नहीं बोला है।
'मोदी साहब जो कहेंगे वो मुझे मंजूर'
सरकार बनने की संभावना के बीच निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन भाजपा से अलग पहले ऐसे विधायक हैं जिन्होंने साफ कर दिया है कि वह बीजेपी के समर्थन में हैं।
टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हम कई महीनों से बिना काम के बैठे हैं। हम चुन कर आए हैं और सरकार बनने के पक्ष में हैं। उन्होंने साफ कहा कि मोदी साहब जो भी आदेश देंगे वो मुझे मंजूर होगा।
अटकलों के बीच जेडीयू के शोएब इकबाल ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हालत में बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक सरकार बनाने के मुद्दे पर बीजेपी की बैठक कल होने की संभावना है। हालांकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने यह कहकर पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है कि लोकसभा के लिए चुने गए तीनों विधायक को हम अपनी संख्या में शामिल नहीं मानते।
गृह मंत्रालय लेगा अंतिम फैसला
सांसद बन चुके तीनों विधायकों के अनुपस्थित रहने पर बीजेपी के पास कुल 29 विधायक ही बचते हैं। इस संख्या में बिन्नी सहित दो निर्दलीय विधायकों को जोड़ लिया जाए तो कुल विधायकों की संख्या 32 होती है।
सदन में बहुमत साबित करने के लिए उपस्थित सदस्यों का बहुमत चाहिए होता है। ऐसे में अगर बीजेपी के तीन विधायक अनुपस्थित रहते हैं तो सदन की कुल संख्या 67 होगी जिसमे बहुमत के लिए 34 विधायकों की जरुरत होगी। बचे दो विधायक कहां से आएंगे यह देखना दिलचस्प होगा।
संभावना व्यक्त की जा रही है गृह मंत्रालय मंगलवार तक अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेज सकता है। आखिरी फैसला राष्ट्रपति के निर्णय के बाद ही लिया जाएगा।