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Delhi: सफदरजंग, RML और लेडी हार्डिंग अस्पताल में बदले जाएंगे एचओडी, अमल में लाई जाएगी नियुक्ति प्रक्रिया

Tue, 17 Jan 2023 05:11 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

विभागाध्यक्ष के चयन के लिए सात सदस्यीय स्थायी नियुक्ति समिति बनाई जाएगी। इसमें तीनों संस्थानों के डीन, तीन सहायक चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
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सफदरजंग अस्पताल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार के डॉ. राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पताल के विभागों में हर तीन साल में विभागाध्यक्ष को बदल दिया जाएगा। इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि विभाग की जिम्मेदारी वरिष्ठता के आधार पर नहीं नियुक्ति प्रक्रिया के तहत दी जाएगी। 

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विभागाध्यक्ष के चयन के लिए सात सदस्यीय स्थायी नियुक्ति समिति बनाई जाएगी। इसमें तीनों संस्थानों के डीन, तीन सहायक चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक देखा गया है कि कई विभाग पर लंबे समय तक एक ही डॉक्टर का कब्जा होता था। अब ऐसा नहीं होगा, बल्कि मरीजों के हित में देखते हुए समय-समय पर विभागाध्यक्ष बदले जाएंगे। 

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मांगा जाएगा आवेदन
आदेश में कहा गया कि यदि किसी विभाग में अध्यक्ष का पद खाली होता है तो निदेशक या चिकित्सा अधीक्षक नोटिस जारी करेगा। नोटिस के बाद पद के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। इसमें संबंधित विभाग के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव रखने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा के प्रोफेसर, निदेशक प्रोफेसर पद के डाॅक्टर व जीडीएमओ (जनरल ड्यूटी मेडिकल आफिसर) को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद कमेटी तीन डाॅक्टरों के नाम का चयन कर विभागाध्यक्ष की नियुक्ति के लिए अस्पताल प्रशासन से सिफारिश करेगी। इनमें से किसी एक को अस्पताल प्रशासन विभागाध्यक्ष नियुक्त करेगा।

पहले भी हो सकता है पद खाली 
विभाग अध्यक्ष का पद तीन साल से पहले भी खाली हो सकता है। आदेश के तहत विभागाध्यक्ष का कार्यकाल अधिकतम तीन साल या 62 वर्ष की उम्र तक होगा। यदि अस्पताल प्रशासन को लगा कि उक्त अध्यक्ष सही से काम नहीं कर रहा तो उसे समय से पहले ही हटाया जा सकेगा। आदेश में कहा गया है कि गैर शैक्षणिक कैडर के डाॅक्टर भी विभागाध्यक्ष नियुक्त किए जा सकते हैं लेकिन मेडिकल शिक्षा से संबंधित कामकाज विभाग के वरिष्ठ फैकल्टी संभालेंगे।
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