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CM केजरीवाल बोले: एलजी को मानने ही पड़ेंगे संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश, नेता प्रतिपक्ष ने किया पलटवार

Tue, 17 Jan 2023 04:56 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार के मंत्रियों और आप विधायकों के राजनिवास मार्ग तक मार्च करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर चौतरफा हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्ली के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं। 
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अरविंद केजरीवाल (फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता तानाशाही सहन नहीं करेगी, दिल्ली लोकतंत्र से चलेगी। उपराज्यपाल को संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश मानने ही पड़ेंगे, क्योंकि दिल्ली को तानाशाही नहीं, बल्कि संविधान और जनतंत्र चाहिए मगर उपराज्यपाल सुप्रीम कोर्ट को नहीं मान रहे हैं। इस कारण देश में न जनतंत्र बचेगा और न संविधान बचेगा।

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दिल्ली सरकार के मंत्रियों और आप विधायकों के राजनिवास मार्ग तक मार्च करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर चौतरफा हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्ली के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं। इस कड़ी में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को विदेश में ट्रेनिंग के लिए भेज रहे हैं, मगर उपराज्यपाल उनको फिनलैंड नहीं जाने दे रहे हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने चार जुलाई 2018 को कहा था कि उपराज्यपाल के पास स्वतंत्र रूप से कोई भी निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन दिनों उपराज्यपाल ने बहुत सारे काम रोक रखे हैं। उन्होंने योग कक्षाएं रोक दीं। सारे मोहल्ला क्लीनिक के सभी भुगतान रुकवा दिए। दवाइयां, टेस्ट, डॉक्टरों की तनख्वाह, मोहल्ला क्लीनिक का रेंट और मोहल्ला क्लीनिक के बिजली का बिल रुकवा दिया। इस बार उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड का सारा भुगतान रुकवा दिया है जबकि हम चाहते हैं कि 24 घंटे पानी और यमुना की सफाई के ऊपर युद्ध स्तर पर काम हो। इसके लिए हमने कई हजार करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड के लिए रखे थे। बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए मार्शल की तीन महीने से सैलरी नहीं देने दी।

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उपराज्यपाल के बजाय चुनी हुई सरकार के पास शक्तियां हों
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि उपराज्यपाल के बजाय दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास शक्तियां होनी चाहिए। उन्होंने देश के लोगों के आजादी की लड़ाई लड़ने की परिभाषा समझाई। उन्होंने कहा कि वायसराय अंग्रेज भेजकर देश चलाते थे। इसके विरोध में लोगों ने लड़ाई लड़ी कि हमारे देश में हमें आजादी, जनतंत्र और चुनी हुई सरकार चाहिए। अब अगर चुनी हुई सरकार के पास अधिकार नहीं होंगे और एक व्यक्ति के पास शक्तियां होंगी तो यह जनतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है। इस बारे में हम रणनीति तय करेंगे।

शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजने पर उपराज्यपाल को आपत्ति क्यों: सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले भी एक हजार से ज्यादा शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेज चुकी है, मगर अब उपराज्यपाल कह रहे हैं कि देश में ही ट्रेनिंग करा लो। अगर वह शिक्षा के क्षेत्र में देश-दुनिया में सबसे आगे हैं और अगर दिल्ली की चुनी हुई सरकार वहां शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए भेजना चाहती है, तो उपराज्यपाल को इसमें आपत्ति क्यों है। इस बारे में उपराज्यपाल स्थिति स्पष्ट करें।

केजरीवाल सरकार प्रदूषण की समस्या पर नहीं दे रही ध्यान: बिधूड़ी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली गैस चैंबर बन चुकी है। प्रदूषण के कारण लोग कैंसर और फेफड़ों की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि राजधानी में खांसी आदि बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और इसका सबसे बड़ा कारण दिल्ली का प्रदूषण है। इन मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या बहुत ज्यादा है।  लेकिन सरकार का ध्यान प्रदूषण पर काबू पाने की तरफ है ही नहीं।
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न किसी मुद्दे पर चर्चा, न ही हो सका कोई कामकाज 
दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र का पहला दिन सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस कारण सदन में न तो किसी भी मुद्दे पर चर्चा हुई और न ही कोई कामकाज हुआ। सदन में पहले नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली सरकार को घेरने के लिए राजधानी में प्रदूषण की समस्या उठाने का प्रयास किया। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने उनको चर्चा करने की इजाजत नहीं दी। इसी बीच आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल के कामकाज पर सवाल उठाया, तभी आप विधायकों ने उपराज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनके शांत नहीं होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार तक बैठक स्थगित कर दी।

उपराज्यपाल को किसी मामले पर आपत्ति है तो रद्द करने के बजाय राष्ट्रपति को भेजें: भारद्वाज
विधानसभा की बैठक में आप के बच्चों की शिक्षा व शिक्षकों के प्रशिक्षण में हो रहे अवैधानिक और अवांछित अवरोध व दखल अंदाजी के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सौरभ भारद्वाज के बोलने के दौरान हंगामा हुआ। उन्होंने उपराज्यपाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह दिल्ली सरकार को काम करने नहीं दे रहे हैं। उनके पास सेवा, भूमि और कानून व्यवस्था के कार्य हैं। इस कारण वह अन्य विभागों से जुड़े मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते, हालांकि उनको किसी मामले पर आपत्ति है तो वह उसे रद्द करने के बजाय राष्ट्रपति को भेज सकते हैं, मगर उपराज्यपाल ऐसा करने के बजाय दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं को रद्द कर रहे हैं।

प्रदूषण समेत कई मुद्दों पर चर्चा के संबंध में प्रस्ताव भेजे थे, एक भी स्वीकार नहीं: बिधूड़ी
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने प्रदूषण की समस्या समेत कई मुद्दों पर चर्चा कराने के संबंध में प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन एक भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया है। गत तीन साल के दौरान उनके एक भी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं कराई गई है, तभी विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है, क्योंकि भाजपा के निर्देश पर उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार को पंगु बना दिया है। उन्होंने बिधूड़ी को राय दी कि वह इस मामले को लेकर उपराज्यपाल के पास जाएं। 

ऑक्सीजन मास्क और सिलिंडर के साथ धरने पर बैठे भाजपा विधायक
भाजपा विधायकों ने वायु प्रदूषण के विरोध में सदन के अंदर से लेकर विधानसभा परिसर तक दिल्ली सरकार को घेरा। विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी के बाद भाजपा विधायक अभय वर्मा महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष ऑक्सीजन मास्क लगाकर और ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ धरने पर बैठ गए। वहीं विधानसभा की कार्रवाई मंगलवार तक स्थगित होने के बाद भाजपा के अन्य विधायक भी उनके साथ धरने पर बैठ गए।
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