प्याज-आलू ही नहीं, बजट आने से पहले दिल्ली में सिगरेट और शराब की भी जमाखोरी चरम पर है। खास बात यह कि इसमें उत्पादक से लेकर फुटकर विक्रेता तक शामिल हैं।
कारोबारियों की मानें तो बजट आने से पहले माल की सप्लाई हर स्तर पर रुकी पड़ी है। सबसे ज्यादा दिक्कत थोक विक्रेताओं के स्तर पर है। कीमत बढ़ने के इंतजार में सिगरेट, तंबाकू, शराब समेत धूम्रपान की सारी चीजों को जमा कर लिया गया है।
इसका असर कीमत पर पड़ा है। फुटकर विक्रेताओं ने हर माल पर बीस से तीस फीसदी तक बढ़ोत्तरी कर रखी है। नतीजतन खरीददारों से जमकर चिकचिक होती है।
टाइम मत खराब करो, लेना हो तो लो
समय करीब 12:00 बजे, संसद मार्ग
एनडीएमसी के एक स्टॉल पर ऑटो चालक तंबाकू का पैकेट मांगता है। दुकानदार इसकी कीमत सात रुपये मांगता है। सुनते ही ऑटो चालक भड़क गया। उसने कहा, ‘अभी दो दिन पहले ही तुमने पांच रुपये लिए थे। नया थोड़े हूं, जो लूट रहा है।’ इस पर दुकानदार बोला, ‘वो तो ठीक है, लेकिन कई दिनों से माल नहीं आ रहा है। दाम ज्यादा लेने के अलावा कोई चारा नहीं। लेना हो तो लो, बेकार में टाइम खराब मत करो।’
थोड़ी देर झिकझिक करने के बाद ऑटो चालक ने तंबाकू ली और भुनभुनाता हुआ ऑटो पर जा बैठा। बाद में दुकानदार बोला, ‘क्या करूं, दिन भर की किचकिच है। पीछे से माल आ नहीं रहा है। सारे सामान की सप्लाई आधी हो गई है। रेट न बढ़ाऊं तो काम नहीं चलेगा।’
एमआरपी वही, लेकिन कीमत ज्यादा
समय करीब 1:00 बजे, जंतर मंतर
चाय की दुकान पर बैठा एक शख्स बुदबुदा रहा था। सवाल करने पर वह फूट पड़ा। ‘देखो, अभी सरकार ने दाम बढ़ाए भी नहीं हैं, पैकेट पर पुराना रेट ही लिखा है, लेकिन दुकानदार एक सिगरेट का दो रुपये ज्यादा मांग रहा है। पूछने पर सीधा जवाब भी नहीं देता। अभी तक तो प्याज-आलू की ही जमाखोरी हो रही थी, अब सिगरेट आदि को भी स्टॉक किया जा रहा है। पता नहीं, इन पर किसी का जोर है या यह मनमानी कर हम लोगों की जेब ढीली करते रहेंगे।’
'कुछ पैसा दे दो, माल स्टॉक करना है'
समय करीब 2:00 बजे, प्रीत विहार
शॉपिग कांप्लेक्स में दुकानदार अपने परिचित से बात कर रहा था। मसला पैसे के लेन-देन का था। दुकानदार बोला, ‘कुछ पैसा दे दो यार, दो दिन बाद लौटा दूंगा। पूछने पर बताया, कुछ नहीं, थोड़ा माल का स्टॉक करना है। अभी सस्ते में मिल जाएगा, लेकिन बजट आने के बाद नई कीमतें लागू हो जाएंगी। इससे ठीकठाक फायदा हो जाएगा। बात सिर्फ दो दिनों की है। उसके बाद पैसा वापस कर दूंगा। कोई दिक्कत नहीं होगी।’ दुकानदार के परिचित ने मुसकराते हुए कहा, ‘दस हजार रुपये हमारे पास हैं, ले लो... लेकिन मेरा कमीशन अलग रख लेना।’