लोकसभा चुनाव के पहले चरण में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रत्याशी गौतम बुद्ध नगर सीट से है। यहां 24 प्रत्याशी चुनावी दंगल उतरे हैं। जबकि 19 प्रत्याशियों के साथ मुजफ्फरनगर दूसरे स्थान और 10 की संख्या के साथ बुलंदशहर में सबसे कम प्रत्याशी मैदान में हैं। सभी प्रत्याशी अपने मुद्दों के साथ चुनावी मैदान में अपनी ताकत झोंक रहे हैं।
प्रदेश में पहले चरण का मतदान 10 अप्रैल को होना है। इसको लेकर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च थी। एसडीएम बच्चू सिंह ने बताया कि गौतमबुद्धनगर संसदीय क्षेत्र से इस बार 29 नामांकन दाखिल किए गए। जिसमें दो नामांकन रद्द किए गए जबकि एक प्रत्याशी को नोटिस जारी किया गया था। बुधवार को इसका नामांकन रद्द किया गया।
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वहीं, दो प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए हैं। यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 24 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाने के लिए चुनावी मैदान है। वहीं, गाजियाबाद जिले से सबसे ज्यादा 38 लोगों ने नामांकन किए थे। जिसमें से 22 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द किए गए। जबकि एक ने अंतिम दिन नाम वापस लिया।
यहां अब 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। उधर, पहले चरण में 10 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होने है। प्रत्याशियों के इस खेल में मेरठ से 14 और बिजनौर से 13 प्रत्याशी व बागपत व अलीगढ़ से 15-15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। वहीं, कैराना (शामली) से 14 प्रत्याशी व बुलंदशहर से 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं।
दो संसदीय सीटों पर लगेगी दो-दो ईवीएम
गौतम बुद्ध नगर और मुजफ्फरनगर सीट पर 24 और 19 प्रत्याशियों के चलते प्रत्येक बूथ पर दो-दो ईवीएम लगानी पड़ेंगी। दो सीटों को छोड़कर ज्यादातर सीटों पर 16 से कम प्रत्याशी ही बचे। जिस संसदीय क्षेत्र मे जितने ज्यादा प्रत्याशी थे वहां डमी प्रत्याशियों पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर थी। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर टीमें गठित की गई है। जो डमी प्रत्याशियों पर नजर गड़ाए हुए थी। ज्यादातर सीटों पर प्रशासन की कवायद सफल रही।