अब ग्रामीणों को उनके घर के करीब ही जाति प्रमाण-पत्र, रिहायशी प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, प्लॉट अथवा जमीन की रजिस्ट्री करवाने आदि की सहूलियत मुहैया कराई जाएगी।
इसके लिए ग्रामीण क्षेत्राें में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने की योजना है। सर्व प्रथम यह सुविधा जिले के 15 प्रमुख गांवों में मुहैया कराई जाएगी।
इसको लेकर बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में एक आवश्यक बैठक हुई जिसमें उपायुक्त ने जिले के सभी सरपंचों से गांवों में ई-पंचायत स्थापित करने और उसे हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस से जोड़ने में सहयोग देने की अपील की।
बैठक में उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने बताया कि गांवों में ई-पंचायत बनाने के लिए इंटरनेट की व्यवस्था की जा रही है। गुड़गांव को सीएससी सेंटर नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएम) से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है।
इसके तहत ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिए हाई स्पीड इंटरनेट गांवों तक पहुुंचाने की योजना है। सीएससी सेंटर स्थापित होने से लोगाें को जाति प्रमाण-पत्र, रिहायशी प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, प्लॉट अथवा जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए सब-रजिस्ट्रार से अपाइंटमेंट लेने, इंतकाल दर्ज करवाने के आवेदन, दर्ज इंतकाल की सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करने को आवेदन, जमाबंदी की नकल प्राप्त करने और भूमि रिकॉर्ड की प्रति प्राप्त करने के आवेदन लोग आसानी से प्राप्त और दे सकेंगे।
यह सुविधा शहरी क्षेत्र में भी उपलब्ध कराई जाएगी। शुरुआती चरण में जिन 15 गांव द्वारा सीएससी सेंटराें को खोलने की पहल की जाएगी। उन गांव को टेली-मेडिसन की सुविधा दी जाएगी।
सेंटर शुरू करने के लिए 800 स्क्वेयर फीट की जगह और 100 स्क्वेयर फीट बिल्ड-अप एरिया की जगह की जरूरत होगी। ये सेंटर स्कूलाें, पंचायत भवनों या नेहरू युवा केंद्रों में खोले जा सकते हैं।
बैठक में सरपंचों ने गांव में सरकारी व पंचायती जमीन की पैमाईश करवाकर अतिक्रमण से मुक्त करवाने, गंदे पानी की निकासी, मनरेगा योजना से जुड़ी समस्याएं, पीएचसी सेंटर, अतिक्रमण तथा सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को भी रखा।