हाईकोर्ट ने चांदनी चौक इलाके में शीशगंज गुरुद्वारे के बाहर अवैध रूप से बने प्याऊ को तोड़े जाने के बाद रातोंरात उसे दोबारा बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का रवैया सरासर अदालत को खुली चुनौती है।
अदालत ने उक्त प्याऊ को फिर तोड़ने का आदेश जारी करते हुए आसपास के पूरे क्षेत्र को सील करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दो पदाधिकारियों को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
न्यायमूर्ति एस मुरलीधर व न्यायमूर्ति विभू बाखरू की खंडपीठ ने पूरे मामले पर हैरानी जताते हुए कहा कि जब प्याऊ को फिर से बनाया जा रहा था उस समय पुलिस कहां थी। उसे क्यों नहीं रोका गया।
जब दोबार बना रहे थे प्याऊ तो पुलिस कहां थी
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खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) व दिल्ली पुलिस अधिकारियों से पूछा की आखिर आपने फिर से प्याऊ कैसे बनने दिया। क्यों नहीं मौके पर किसी को तैनात किया गया था। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने अदालत के आदेश में बाधा डाली तो निगम व पुलिस अधिकारी इसका जवाब देंगे और वे ही जिम्मेदार होंगे।
अदालत ने निगम व पुलिस अधिकारियों को तुरंत उक्त प्याऊ को ढहाने व क्षेत्र में चौबीस घंटे पुलिस सुरक्षा बहाल रखने का आदेश जारी किया है। साथ ही अगले आदेश तक घटनास्थल को सील कर उसके आसपास सुरक्षा घेरा बनाने का भी निर्देश दिया है।
सीसीटीवी फुटेज व पेश रिपोर्ट को देखने के बाद खंडपीठ ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके व महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
घटना का सीसीटीव फुटेज पेश करने का निर्देश
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ये दोनों बुधवार को निगम दस्ते द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के विरोध करने में भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे। अदालत ने दिल्ली पुलिस को घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया है। दिल्ली पुलिस के वकील ने अदालत को बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दो लोगों के अलावा सीसीटीवी फुटेज के जरिये अन्य लोगों की पहचान की गई है।
अदालत ने अभियान का नेतृत्व कर रहे एनडीएमसी के अधिकारियों को मामले में रिपोर्ट दायर कर यह बताने को कहा है कि आखिर मौके पर हुआ क्या था। वहीं अदालत ने पुलिस से पूछा कि अतिक्रमण हटाते हुए हालत बेकाबू कैसे हो गए। अदालत ने कहा कि जिला पुलिस उपायुक्त यह बताए की मौके पर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और पुलिस ने दोबारा प्याऊ कैसे बनने दिया। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी।
मालूम हो कि गत 28 मार्च को अदालत ने चांदनी चौक इलाके से अवैध निर्माण व अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद बुधवार सुबह निगम दस्ता शीशगंज गुरुद्वारे पर अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। निगम दस्ते द्वारा गुरुद्वारे के बाहर फुटपाथ पर बने प्याऊ को ढहाए जाने के बाद वहां काफी हंगामा हो गया और कुछ ही घंटो बाद प्याऊ को दोबारा बना दिया गया । पेश मामले में चांदनी चौक व्यापार मंडल ने याचिका दायर की है।