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कन्हैया की जमानत रद्द करने वाली अर्जी पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को दिया नोटिस

Thu, 28 Apr 2016 06:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कन्हैया - फोटो : विवेक निगम
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हाईकोर्ट ने जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया की जमानत रद्द करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई का निर्णय लिया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता को ऐसी याचिका दायर करने का अधिकार ही नहीं है। अदालत ने पुलिस को नोटिस जारी कर अपना जबाव दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति पीएस तेजी ने कहा कि वे याचिका पर सुनवाई करेंगे। पुलिस स्पष्ट करे कि क्यों न कन्हैया की जमानत रद्द की जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 19 जुलाई तय की है। याचिका में कन्हैया पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

दिल्ली पुलिस की और से पेश राहुल मेहरा ने कन्हैया को अदालत ने छह माह के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की थी। पुलिस इस मामले को देख रही है। इसके अलावा याचिकाकर्ता को इस मामले में हस्तक्षेप का अधिकार ही नहीं है न ही वह मामले में पक्ष है। ऐसे में अदालत को याचिका पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए।
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इसके अलावा अदालत ने उपराज्यपाल द्वारा इस मामले में नियुक्त विशेष सरकारी वकील की उपस्थिति पर भी आपत्ति जताई। अदालत दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। एक याचिका में कन्हैया पर जमानत की शर्तो का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है तो दूसरी में जमानत के लिए पेश शपथपत्र में गलत जानकारी का आरोप लगाया गया है।

जमानत रद्द करने के लिए अधिवक्ता आरपी लूथरा ने याचिका दायर की है। उन्होंने तर्क रखा कि अदालत ने जमानत प्रदान करते हुए कन्हैया को देश विरोधी गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया था।

कन्हैया ने जमानत मिलने के बाद शर्तो का उल्लंघन कर देश विरोधी भाषण दिया और लगातार ऐसी गतिविधियों में लिप्त है। इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि कन्हैया प्रति दिन कोई न कोई गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहा है और उसके रवैये से पूरे विश्व में भारत की छवि खराब हुई है।

इसके अलावा उसने आरोप लगाया है कि कश्मीर में सेना बल रेप कर रहे है। इससे देश की सेना की छवि खराब होने के अलावा उनका मनोबल भी कम हुआ है। ऐसे में कन्हैया की अंतरिम जमानत रद्द की जाए।

कन्हैया को जेएनयू परिसर में 9 फरवरी को देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने 2 मार्च का उसे सशर्त छह माह के लिए अंतरिम जमानत प्रदान कर दी थी।
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