हाईकोर्ट ने नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के चेयरमैन समेत तमाम सदस्यों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। ये नियुक्तियां केंद्र सरकार मुख्यमंत्री की सलाह पर करती है। आप विधायक सुरेंद्र सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सलाह लिए बिना ही नियुक्तियां कर दीं, इसलिए इन्हें रोका जाए।
एनडीएमसी एक्ट 1994 के मुताबिक परिषद में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन व अन्य वरिष्ठ सदस्यों की नियुक्ति करने से पहले केंद्र सरकार को दिल्ली के मुख्यमंत्री की सलाह लेना जरूरी है।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तारीख तय करते हुए केंद्र सरकार को अगले आदेश तक नियुक्तियां नहीं करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सभी पक्षों को अगली तारीख से पहले अपनी लिखित दलीलें पेश करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने ने कहा कि अदालत इस बात की पड़ताल करेगी कि केंद्र सरकार ने किस तरह मुख्यमंत्री की सलाह ली थी। केंद्र सरकार इन नियुक्तियों से पहले मुख्यमंत्री की सलाह लेगी इसमें कोई संशय नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता अनिल सोनी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इन नियुक्तियों से पहले इसकी फाइल मुख्यमंत्री को भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर एएसजी अपनी दलीलें पेश करेंगी लेकिन आज वह उपलब्ध नहीं है।