बगैर लाइसेंस और मंजूरी, नियमों की अनदेखी कर प्रदूषण फैला रहीं राजधानी की 75 इकाइयां सील कर दी गई हैं। ये इकाइयां प्लास्टिक रिसाइक्लिंग से संबंधित थीं। लेकिन इनके संचालन के लिए डीपीसीसी से न तो लाइसेंस लिया गया था न ही प्रदूषण मानकों का पालन किया जा रहा था।
कुछ महीने पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस संबंध में निर्देश देते हुए अलग अलग औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के आदेश दिए थे। डीपीसीसी और उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के एसडीएम की टीम की ओर से पिछले चार दिनों के दौरान टिकरी कलां, मुंडका, नांगलोई, कमरुद्दीन नगर, बापरोला, हिराकुंडना और नीलवाल में यह कार्रवाई की गईं।
डीपीसीसी के सदस्य सचिव अरुण मिश्रा के मुताबिक इन इकाइयों में नियमों की अनदेखी की जा रही थी। पिछले चार दिनों के दौरान 210 इकाइयों की जांच के बाद प्लास्टिक रिसाइक्लिंग यूनिट में नियमों की अनदेखी करने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 की अनदेखी कर ये इकाइयों रिहायशी और अनाधिकृत कालोनियों में चल रही थीं। टीम ने पर्यावरण संरक्षण कानून की अलग अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की। इस दौरान इकाइयों से भारी मात्रा में प्लास्टिक भी जब्त किया गया।