अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय ड्रेसाज (घुड़सवारी) टीम के चयन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने एशियन गेम्स-2022 के स्वर्ण पदक विजेता अनुश अग्रवाल और सुदीप्ति हाजेला की अपील खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि अब नए सिरे से चयन ट्रायल कराना संभव नहीं है। टीम भेजने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। इतने कम समय में अलग-अलग देशों में मौजूद घोड़ों और खिलाड़ियों को एक जगह लाकर ट्रायल कराना व्यावहारिक नहीं होगा, जिससे एशियाई खेलों की तैयारियां प्रभावित होंगी। हालांकि, पीठ ने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय अश्वारोही महासंघ (ईएफआई) ने चयन प्रक्रिया के कुछ नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया है। बावजूद अदालत ने खेल हित और देश की प्रतिष्ठा देखते हुए चयन प्रक्रिया में दखल देने से इनकार कर दिया। अदालत ने महासंघ को भविष्य में चयन नियमों का सख्ती से पालन करने के भी निर्देश दिए।
दोनों खिलाड़ियों ने 16 जून को जारी चयन सूची को चुनौती दी थी। सूची में अनुश अग्रवाल को पहला रिजर्व और सुदीप्ति हाजेला को दूसरा रिजर्व रखा गया था, जबकि चार अन्य खिलाड़ियों को मुख्य टीम में जगह दी गई थी। उन्होंने चयन प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाए थे। इससे पहले 29 जून को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी थी।