मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। दूसरे पक्ष के अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर सभी जनहित याचिकाओं को जमा करने के लिए कहा।
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। साथ ही मामले को स्थगित भी कर दिया। याचिका में दिल्ली सरकार को नशीले पेय और दवाओं के उत्पादन-वितरण और खपत को प्रतिबंध और नियंत्रित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कहा गया कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। दूसरे पक्ष के अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर सभी जनहित याचिकाओं को जमा करने के लिए कहा। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल ने कहा कि इस मामले को चार जुलाई तक स्थगित किया जा रहा है। दूसरे पक्ष के वकील द्वारा दायर सभी याचिकाओं को जमा करते रहें। हम देखेंगे कि अगली तारीख को क्या करना है। आप रोजाना याचिका दायर कर रहे हैं, कितनी याचिकाएं आपने टाइप कर लिए हैं। उसको छपा लिए या दराज में ही रखे हैं।
अश्विनी उपाध्याय ने दिल्ली सरकार को शराब की बोतलों और पैकेजों पर स्वास्थ्य चेतावनी प्रकाशित करने के लिए निर्देश देने की मांग की। जैसे कि सिगरेट के पैकेट पर इस्तेमाल होने वाले स्वास्थ्य चेतावनी के संकेत और नागरिकों के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से नशीले पेय के 'स्वास्थ्य और पर्यावरण खतरे' का विज्ञापन करना।