फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांस्कृतिक मंत्रालय व नेशनल आर्ट गैलरी निदेशक को नोटिस, फंड के दुरुपयोग का आरोप

Thu, 30 Jun 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायलय
विज्ञापन
राजधानी में नेशनल आर्ट गैलरी में लगी हुई पेंटिंग की सुरक्षा व अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अदालत ने इस मुद्दे पर सांस्कृतिक मंत्रालय व नेशनल आर्ट गैलरी निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन


न्यायाधीश वी.कामेश्वर राव व न्यायाधीश आईएस मेहता की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की है।

याचिकाकर्ता एस. तिवारी के अधिवक्ता सुग्रीव दुबे ने अदालत को बताया कि मॉडर्न आर्ट गैलरी राष्ट्र की संपत्ति है और इसका गठन मॉडर्न आर्ट को प्रमोट करने के लिए किया गया था। यहां रविंद्र नाथ टैगोर से लेकर प्रख्यात लोगों की पेंटिंग रखी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेंटिंग राष्ट्रीय धरोहर, उनकी कीमत करोड़ों में

उन्होंने कहा कि काफी समय से कुछ लोग फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं और इसका ऑडिट में खुलासा भी किया गया है। उन्होंने कहा कि गैलरी के निदेशक इसी माह के अंत में रिटायर हो रहे हैं और उन्होंने काफी पेंटिंग को गैलरी से हटाकर स्टोर रूम में रखवाकर ताला लगा दिया है।

अदालत के पूछने पर अधिवक्ता ने कहा कि संदेह है कि काफी पेंटिंग को इसी दौरान गायब किया जा सकता है। यह सभी पेंटिंग राष्ट्रीय धरोहर हैं और उनकी कीमत करोड़ों में है। उन्होंने कहा कि आर्ट गैलरी के निदेशक को रविंद्र नाथ टैगोर सहित अन्य पेंटिंग को स्टोर से निकालने के निर्देश दिया जाए।

इसके अलावा उनसे गायब पेंटिंग के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाए।  गैलरी में फंड के दुरुपयोग के संबंध में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच करवाने का निर्देश दिया जाए । उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि जांच पूरी होने तक अवकाश ग्रहण करने वाले निदेशक के रिटायर के फायदे इत्यादि प्रदान करने पर रोक लगाई जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें