हाईकोर्ट ने मिड नाइट रेड मामले में पूर्व मंत्री एवं आप नेता सोमनाथ भारती को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें भारती को 12 अफ्रीकी महिलाओं के खिलाफ नस्ली भेदभाव और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराया था।
भारती पर दिल्ली सरकार में मंत्री रहने के दौरान दक्षिण दिल्ली के खिड़की एक्सटेंशन इलाके में आधी रात को छापे की कार्रवाई के दौरान अफ्रीकी मूल की महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप लगे थे।
न्यायमूर्ति डा.एस.मुरलीधर और न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह की अवकाशकालीन खंडपीठ ने एनएचआरसी की 29 सितंबर की व्यवस्था को रद्द करते हुए आयोग को यह भी निर्देश दिया कि मामले में नए सिरे से सुनवाई की जाए और भारती द्वारा उनके बचाव में रखे गए सबूतों को संज्ञान में लेते हुए विस्तृत आदेश जारी किया जाए। खंडपीठ ने भारती को भी 13 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख पर आयोग के समक्ष पेश होने को कहा गया है।
हाईकोर्ट खंडपीठ ने भारती की याचिका खारिज करने के एकल न्यायाधीश के फैसले के विरुद्ध उनकी अपील स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया है। सोमनाथ ने केंद्र सरकार, एनएचआरसी और दिल्ली सरकार से 100 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलवाने की मांग भी की है।