आम जनता के लिए सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्रॉफ्ट मेला देखना अब महंगा हो गया है। शनिवार, रविवार को टिकट का दाम दोगुना कर दिया गया है। यानी 50 की जगह 100 रुपये सिर्फ एंट्री के देने पड़ेंगे। वीकेंड पर भीड़ नियंत्रण के लिए यह निर्णय लिया गया है।
इन दो दिन को छोड़कर ग्रुप में आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 50 फीसदी छूट जारी रहेगी। यानी उन्हें 25 रुपये देने होंगे। सूरजकुंड मेला परिसर का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री की अतिरिक्त प्रधान सचिव सुमिता मिश्रा ने दी। उन्होंने यहां हरियाणा टूरिज्म कॉरपोरेशन की महानिदेशक के रूप में तैयारियों का जायजा लिया।
मिश्रा ने कहा कि सरकार तकनीक के सहारे मेले का अनुभव अच्छा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार मेले की ऑनलाइन टिकटिंग शुरू की गई थी, लेकिन उसमें व्यक्ति को एक प्रिंट निकालकर ले जाना पड़ता था।
इस बार ऑनलाइन टिकट बुक कराते ही मोबाइल पर मैसेज आएगा। इसको दिखाकर मेले में एंट्री हो जाएगी। यही नहीं बुक माई शो साइट पर भी सूरजकुंड मेले के टिकट मिलेंगे।
हरियाणा टूरिज्म मेले की पूरी जानकारी देने के लिए एक मोबाइल एप विकसित किया है, जिसे फ्री डाउनलोड किया जा सकेगा। इसे जनवरी में लांच किया जाएगा। यहां पर 10 लाख से अधिक पर्यटकों के आने की संभावना है।
मिश्रा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के 22 मेट्रो स्टेशनों पर भी टिकट मिलेगा। मेले के अंदर अपना घर का विस्तार किया गया है। इसमें हरियाणा की अचीवर प्रतिभाओं का पूरा ब्योरा होगा।
यहां आने वाले पर्यटक सूर्यकुंड भी देखें, इसके लिए भारतीय पुरातत्व विभाग से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि जो भी विदेशी ग्रुप बुलाए जा रहे हैं, उनका प्रदर्शन क्रॉफ्ट्समैन, कल्चर और कुजीन पर आधारित होगा। अपने देश के 40 कल्चरल ट्रुप अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
-मेला परिसर को वाईफाई जोन बनाने के लिए कई कंपनियों से बातचीत चल रही है ताकि लोगों को इंटरनेट का प्रयोग करने में दिक्कत न हो। मोबाइल नेटवर्क भी बेहतर किया जाएगा।
-अधिकांश लोग अब स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिए वह यहां की फोन द्वारा ली गई फोटो भी फोटो प्रतियोगिता में दे सकते हैं।
-एक से 15 फरवरी तक चलने वाले मेले का समय इस बार बदल दिया गया है। इसमें सुबह 10:30 से रात 8:30 बजे तक घूमा जा सकेगा। रात के खाने-पीने का भी इंतजाम होगा। अब तक सुबह 9:00 से शाम 7:00 बजे तक इसका आयोजन होता था।
-इस बार 860 हट्स तैयार हो रही हैं। इसमें राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार प्राप्त शिल्पी एवं बुनकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मिश्रा ने संकेत दिए हैं भविष्य में इसका स्वरूप और बड़ा होगा।