आप इस स्थिति में चीजों को नहीं छोड़ सकते
केंद्र की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि इन निर्माणों को अनधिकृत रूप से खड़ा किया गया है। पीठ ने उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अगर कल कुछ होता है तो क्या इसका जिम्मेदार कौन होगा? आप इस स्थिति में चीजों को नहीं छोड़ सकते। कृपया निर्णय लें। हम यह नहीं कह रहे हैं कि क्या फैसला लेना है, यह पूरी तरह से आपका है। यदि आप कहते हैं कि यह अवैध है, तो अपने बुलडोजर चला दो और सब कुछ ध्वस्त कर दो, हम कुछ नहीं कहेंगे।
हमें नहीं लगता कि किसी को कोई समस्या होगी
पीठ ने कहा हजारों घर वहां बने हैं। व्यावहारिक तरीका है, जैसे आपने दूसरों को नियमित किया है, उन्हें नियमित करें, जो भी आवश्यक हो चार्ज करें, हमें नहीं लगता कि किसी को कोई समस्या होगी। पीठ ने पिछली सुनवाई में भवनों को नियमितीकरण के मुद्दे को रोकने पर सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट सरकार को सख्त रुख के साथ आने और या तो यह बताने का निर्देश दिया था कि क्षेत्र में निर्माण अवैध हैं और विध्वंस के लिए कदम उठाएं या इसके नियमितीकरण पर निर्णय लें।
सैनिक फार्म में निर्माण दिसंबर 2023 तक सुरक्षित
एएसजी भाटी ने अदालत को बताया कि सरकार ने सैनिक फार्म सहित 69 अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के पहलू पर गौर नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 1,797 अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास कार्य पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिन्हें दो वर्गों में उप-विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सैनिक फार्म में निर्माण दिसंबर 2023 तक सुरक्षित है।