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High Court: न्यायालय ने लगाई फटकार, केंद्र सरकार से पूछा- क्या होगा अगर भवन गिरने पर लोग मरे, कौन लेगा जिम्मेदारी?

Tue, 17 May 2022 06:14 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीठ ने कहा इन कॉलोनियों के संबंध में भी जिन्हें आप समृद्ध कहते हैं आपको निर्णय लेना चाहिए, आप इसे अधर में क्यों छोड़ते हैं? आप स्वयं उन्हें समृद्ध कहते हैं इसलिए हर तरह से विकास के लिए जो भी आवश्यक है जो कुछ भी आवश्यक हो चार्ज करें। ऐसे लोग हैं जो गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने केंद्र के उस फैसले पर आपत्ति जताई है जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत रूप से बनी कॉलोनी सैनिक फार्म में मौजूदा भवनों में मरम्मत कार्य करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अदालत ने कहा क्या होगा यदि कल कुछ भवन गिर जाते हैं और लोग मर जाते हैं? जिम्मेदारी कौन लेगा?

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने सैनिक फार्म में क्षेत्र विकास समिति के संयोजक रमेश दुगर की क्षेत्र में कॉलोनियों को नियमित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए करते हुए मौखिक रूप से यह टिप्पणी की। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कोई मैकनिज्म होना चाहिए जो यह निर्धारित कर सके कि क्या कोई संपत्ति गिर सकती है। आप अपनी टीम भेजे और इसका सर्वेक्षण करवाकर मरम्मत कार्य की अनुमति दी जाए।

आप इस स्थिति में चीजों को नहीं छोड़ सकते
केंद्र की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि इन निर्माणों को अनधिकृत रूप से खड़ा किया गया है। पीठ ने उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अगर कल कुछ होता है तो क्या इसका जिम्मेदार कौन होगा? आप इस स्थिति में चीजों को नहीं छोड़ सकते। कृपया निर्णय लें। हम यह नहीं कह रहे हैं कि क्या फैसला लेना है, यह पूरी तरह से आपका है। यदि आप कहते हैं कि यह अवैध है, तो अपने बुलडोजर चला दो और सब कुछ ध्वस्त कर दो, हम कुछ नहीं कहेंगे।

 

हमें नहीं लगता कि किसी को कोई समस्या होगी
पीठ ने कहा हजारों घर वहां बने हैं। व्यावहारिक तरीका है, जैसे आपने दूसरों को नियमित किया है, उन्हें नियमित करें, जो भी आवश्यक हो चार्ज करें, हमें नहीं लगता कि किसी को कोई समस्या होगी। पीठ ने पिछली सुनवाई में भवनों को नियमितीकरण के मुद्दे को रोकने पर सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट सरकार को सख्त रुख के साथ आने और या तो यह बताने का निर्देश दिया था कि क्षेत्र में निर्माण अवैध हैं और विध्वंस के लिए कदम उठाएं या इसके नियमितीकरण पर निर्णय लें।

 
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सैनिक फार्म में निर्माण दिसंबर 2023 तक सुरक्षित
एएसजी भाटी ने अदालत को बताया कि सरकार ने सैनिक फार्म सहित 69 अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के पहलू पर गौर नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 1,797 अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास कार्य पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिन्हें दो वर्गों में उप-विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सैनिक फार्म में निर्माण दिसंबर 2023 तक सुरक्षित है।
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