नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पुरी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद साकेत गोखले को मानहानि मामले में आपसी समझौते से विवाद सुलझाने का आग्रह किया है। लक्ष्मी पुरी ने साकेत गोखले के खिलाफ मामला दायर किया है। न्यायमूर्ति अनिल क्षत्रपाल और हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने यह सुझाव तब दिया जब यह नोट किया गया कि गोखले ने पुरी से माफी मांगी थी जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था।
खंडपीठ ने कहा, आप दोनों सार्वजनिक जीवन में हैं और सम्मानित सार्वजनिक हस्तियां हैं। अगर दोनों पक्ष एक साथ बैठकर विवाद सुलझाने की कोशिश करें तो बेहतर होगा। कृपया ध्यान रखें कि अदालतें पहले ही मामलों से भरी हुई हैं। कोर्ट गोखले की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने 1 जुलाई 2024 के एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी थी। इस फैसले में गोखले को पुरी के खिलाफ सोशल मीडिया या किसी ऑनलाइन मंच पर और सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया गया था। एकल न्यायाधीश ने गोखले को पुरी से माफी मांगने और 50 लाख रुपये के हर्जाने का भुगतान करने का निर्देश दिया था। खंडपीठ ने नोट किया कि माफी के अलावा हर्जाने के भुगतान के संबंध में गोखले की संपत्ति भी कुर्क की गई है। कोर्ट ने कहा, कुर्की जारी रहेगी। ब्यूरो