हाईकोर्ट ने एमिटी से पूछा, क्या आप परिवार को अनुग्रह राशि देंगे
उच्च न्यायालय ने सोमवार को एमिटी लॉ स्कूल से पूछा कि क्या वह लॉ स्टूडेंट सुशांत रोहिल्ला के परिवार को अनुग्रह राशि देगा, जिसकी 2016 में आत्महत्या कर ली गई थी। छात्र को कथित तौर पर अपेक्षित उपस्थिति की कमी के कारण सेमेस्टर परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया गया था। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रही है, लेकिन संस्थान का कंधा इतना बड़ा होना चाहिए कि वह प्रणालीगत विफलता की जिम्मेदारी ले सके।
उच्च शिक्षा में अनिवार्य उपस्थिति की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए अदालत ने केंद्र से इस मुद्दे पर दो सप्ताह के भीतर हितधारकों के साथ परामर्श शुरू करने को भी कहा। अदालत ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक परिपत्र जारी करने को कहा, जिसमें उन्हें दो सप्ताह में शिकायत निवारण समिति गठित करने का अंतिम अवसर दिया जाए अन्यथा कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। एमिटी के तीसरे वर्ष के लॉ छात्र सुशांत रोहिल्ला ने 10 अगस्त, 2016 को अपने घर पर फांसी लगा ली थी।
हाईकोर्ट ने धीरज वधावन को मेडिकल आधार पर दी जमानत : हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई मामले में धीरज वधावन को मेडिकल आधार पर जमानत दे दी। वह करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी है। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने कहा, याचिकाकर्ता बीमार व्यक्ति की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज किया जाता है। 5 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
अमानतुल्लाह खान की न्यायिक हिरासत 23 सितंबर तक बढ़ी
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को आप विधायक अमानतुल्लाह खान को धन शोधन के एक मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल ने कहा कि उन्हें 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा। न्यायाधीश ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अदालत को बताए जाने के बाद पारित किया कि आरोपी को इस समय और अधिक हिरासत की आवश्यकता नहीं है। ईडी ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया।
खान को पूर्व में दी गई सात दिन की ईडी हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया। ईडी ने अदालत को बताया कि यदि खान को रिहा किया गया, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, जांच में बाधा उत्पन्न कर सकता है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि खान अपनी पिछली रिमांड अवधि के दौरान सहयोग नहीं कर रहा था। इस बीच, खान के वकील ने ईडी के आवेदन का विरोध किया। उन्होंने अदालत से अपने मुवक्किल को रिहा करने का अनुरोध किया। साथ ही, कहा कि न्यायाधीश उन पर कोई भी शर्त लगा सकते हैं।