-नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में दिए सुझाव होगा अमल
सीसीटीवी कैमरों की जद में लाया जाएगा कोना-कोना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिए प्लेटफार्म और यार्ड में छिपे ब्लाइंड स्पॉट की पहचान होगी। इसके बाद इसे सीसीटीवी कैमरों की मदद से सर्विलांस पर लाया जाएगा। हाल ही में रेल विभाग के उच्च अधिकारियों की एक बैठक में इन चिह्नित स्थानों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। यात्रियों की सुरक्षा के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्टेशन परिसर में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे और फेस रिकग्निशन तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे। रेल भूमि विकास प्राधिकरण की ओर से दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की सुरक्षा में कोई चूक न रह जाए, इसलिए अधिकारियों की ओर से एक कमेटी बनाकर सुझाव मांगे गए थे। हाल ही में आयोजित उच्च अधिकारियों की बैठक में स्टेशन परिसर में सुरक्षा के विषय में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में सुरक्षा के लिए प्लेटफार्म और यार्ड में छिपे ब्लाइंड स्पॉट का निदान करने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट के आधार पर इसे परियोजना को स्वीकृत किया गया है। परियोजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेस रिकग्निशन तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद दिल्ली के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोजाना आवाजाही करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से इसे लागू किया जा रहा है।
एआई डाटा से फेस रिकग्नेशन कर अपराधियों पर लगेगा अंकुश
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, प्रवेश और निकास द्वार समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। कई बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचने के लिए अपराधी ब्लाइंड स्पॉट्स का फायदा उठाते हैं। स्टेशन और यार्ड में छिपे ब्लाइंड स्पॉट्स पर यह कैमरे लगेंगे। देशभर में सुरक्षा एजेंसियों पर उपलब्ध डाटा के आधार पर अपराधियों को फेस रिकग्नेशन आधारित एआई कैमरे से पहचानकर अलर्ट जारी हो जाएगा। एआई आधारित कैमरे संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने, भीड़ के व्यवहार का विश्लेषण करने और नियमों का उल्लंघन होते ही कंट्रोल रूम में अलर्ट जारी करेंगे।