डेंगू के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए डीएम एनपी सिंह ने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी बड़े अस्पतालों में डेंगू से बचाव के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना कराई जाए।
डीएम ने कहा कि बड़े अस्पतालों में फीवर हेल्प व काउंसलिंग डेस्क बनाई जाए। एक व्यक्ति डेस्क पर मौजूद रहकर बुखार से पीड़ित मरीजों को मलेरिया व डेंगू के संबंध में काउंसलिंग करेगा। डेस्क पर बीमारियों से बचाव व रोकथाम की जानकारी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सालयों, आवासीय भवनों में जल भराव न हो। सभी चिकित्सालयों में पर्याप्त मात्रा में दवाई उपलब्ध रहे। बैक्टीरिया से होने वाले रोगों की जानकारी देने की व्यवस्था की जाए।
चिकित्सालयों में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित रखे जाने की व्यवस्था की जाए। वार्ड के दरवाजों व खिड़कियों में जाली की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों को जागरूक करने के लिए कॉलेज व विद्यालय परिसर और निवास स्थान के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए।
घर के आसपास पुराने बर्तन, कूलर, खाली डिब्बे, पैकेट आदि में पानी एकत्र न होने दें। छात्र पूरी आस्तीन के कपडे़ पहने और पैरों को ढककर रखे, ताकि मच्छर न काट पाएं।
जिन कॉलेजों में ई-केयर की सुविधा है, वहां अभिभावकों को एसएमएस द्वारा डेंगू से बचाव की जानकारी निरंतर दी जाए। माध्यमिक व उच्च शिक्षा के विद्यालयों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जाए। उन्होंने टंकियों के ढक्कन को बंद रखने की सलाह दी।