एनएच-58 पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही भारी वाहन (ट्रक-ट्रोला) प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। शनिवार से भारी वाहन रोके जाने थे, मगर एक दिन पहले ही कांवड़ियों की तादाद और सुरक्षा केमद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
टीआई अनिल कुमार ने बताया कि हालांकि अभी एक-दो दिन रोडवेज बसें चलती रहेंगी। इन्हें बंद करने के बारे में बाद में फैसला लिया जाएगा। डायवर्जन 25 जुलाई की शाम आठ बजे तक लागू रहेगा। हल्के वाहन 19 से 21 तक एक लेन में चलते रहेंगे, जबकि 22 से बाइक-कार भी प्रतिबंधित रहेंगे।
मोहननगर से लोनी-भोपुरा सीमा चौकी और महाराजपुर बार्डर तक भी भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। एनएच-24 पर भी भारी वाहनों के लिए इंदिरापुरम रोड काला पत्थर, सीआईएसएफ से नीचे उतरने पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
शहर में भी रहेगा चार दिन रूट डायवर्जन
शहरी क्षेत्र में भी चार दिन (22 से 25 जुलाई) रूट डायवर्जन रहेगा। इस दौरान भारी और हल्के वाहनों में फेरबदल होगा। अस्थायी बस स्टैंड बनाए जाएंगे।
नगर में आने वाली सभी बसों को लालकुआं और हापुड़ चुंगी के पास अस्थायी बस स्टैंड पर रोका जाएगा। बसें यहीं से संचालित होंगी। हापुड़ चुंगी चौराहे पर आने वाली बसें आत्मा स्टील होकर आएंगी और वापसी में कविनगर थाने के सामने से विवेकानंदनगर फाटक से कविनगर इंडस्ट्रीयल एरिया से आत्मा स्टील तिराहा होते हुए एनएच-24 से जाएंगी।
बुलंदशहर से आने वाली बसें लालकुआं से संचालित होंगी।
शहर में आने वाले हल्के वाहनों को भीड़ को देखते हुए लालकुआं से चौधरी मोड़, अंबेडकर रोड होते हुए कैलिनवर्थ तक आने दिया जाएगा।
जीटी रोड पर चौधरी मोड़ से घंटाघर की ओर जस्सीपुरा मोड़ तथा नया बस अड्डा से जस्सीपुरा मोड़ तक और गोशाला तिराहे, हापुड़ तिराहे से किसी भी वाहन को दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर आने-जाने नहीं दिया जाएगा।
रेलवे स्टेशन रोड, किराना मंडी, रमते राम रोड, घंटाघर, बजरिया रोड, दिल्ली गेट से आने वाले हल्केवाहनों को चौधरी मोड़ होते हुए भेजा जाएगा। इन वाहनों को दूधेश्वर नाथ मंदिर पर नहीं जाने दिया जाएगा।
4-5 दिन बंद रहेंगी गैस एजेंसियां
वेस्टर्न यूपी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन के अध्यक्ष इरेश कुमार के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच 58 स्थित सभी 4 गैस एजेंसियां और दो गोदाम बंद रहेंगे। रूट डायवर्जन से एजेंसी और गोदाम में प्रतिदिन आने वाले 4500 सिलेंडर नहीं आएंगे।
इससे लगभग 22 हजार से ज्यादा सिलेंडरों का बैकलॉग हो जाएगा। इसे खत्म करने में एक सप्ताह से ज्यादा समय लग जाएगा। ऐसे में 29 जुलाई को ईद के दौरान भी गैस की किल्लत बनी रहने की संभावना है।