फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये दिल का मामला है: ठंड में बैठने लगा हृदय, बढ़ रही धड़कन, सामान्य व्यक्ति में भी दौरा पड़ने की आशंका 33% बढ़ी

Mon, 04 Dec 2023 08:10 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी बढ़ते ही दिल्ली के अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाती है। इस दौरान इलाज में यदि लापरवाही हुई तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती ठंड में दिल धोखा दे सकता है। इन दौरान कोरोनरी धमनियां सिकुड़ जाती है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति में भी दिल का दौरा पड़ने की आशंका 33 फीसदी तक बढ़ जाती है और यदि कोई पहले से दिल का मरीज है तो उनकी समस्या गंभीर हो सकती है। 

विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी बढ़ते ही दिल्ली के अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाती है। इस दौरान इलाज में यदि लापरवाही हुई तो बड़ा नुकसान हो सकता है। मौजूदा समय में एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया, जीटीबी सहित अन्य बड़े अस्पतालों में रोजाना हार्ट अटैक के 20 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले यह आंकड़ा लगभग दोगुना है। इनमें कई मरीज कम उम्र के होते हैं, जिन्हें पहले दिल से जुड़ी समस्या नहीं रही। अचानक सीने में दर्द हुआ और जांच के बाद दिल का दौरा पाया गया। 

Trending Videos

एबीवीआईएमएस और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ तरुण कुमार का कहना है कि ठंड बढ़ने के बाद इमरजेंसी में रोजाना 5 से 8 मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 3 से 5 तक रहती है। अध्ययन बताते हैं कि सर्दियों में किसी भी व्यक्ति को दिल का दौरा आने की आशंका करीब 33 फीसदी तक बढ़ जाती है। 

सिकुड़ जाती हैं धमनियां
सर्दियों के दौरान अन्य धमनियों की तरह कोरोनरी धमनियां सिकुड़ सकती हैं। इससे दिल की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति कम हो सकती है। रक्त की आपूर्ति कम होने से मायोकार्डियल इस्किमिया और दिल का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा सर्दियों के दौरान रक्त की मात्रा में वृद्धि होती है। गर्मियों में पसीने के माध्यम से तरल पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाता है।
विज्ञापन

बढ़ सकती है थक्का बनने की गति 
सर्दियों के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण फाइब्रिनोजेन सहित थक्के जमने वाले कारकों के स्तर में बढ़त होती है। थक्के जमने की संख्या बढ़ने से दिल के दौरे की आशंका भी बढ़ जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें