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थाने में हुई सुनवाई, कन्हैया की रिमांड दो दिन बढ़ी

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देशद्रोह मामले में गिरफ्तार जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पुलिस रिमांड कोर्ट ने दो दिन के लिए बढ़ा दी। वकीलों के हंगामे के चलते पुलिस ने कन्हैया को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में पेश किया। जज ने थाने में पहुंचकर मामले की सुनवाई की।
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कन्हैया कुमार को तीन दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाना था। पेशी से पहले ही पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में नारेबाजी और वकीलों व जेएनयू छात्रों के बीच झड़प हो गई।

पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कन्हैया को कोर्ट में पेश नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस के आग्रह पर महानगर दंडाधिकारी लवलीन मंदिर मार्ग थाने गए।
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अब कन्हैया को 17 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा

वहीं पर उन्होंने पुलिस की रिमांड अर्जी पर सुनवाई की। पुलिस के आग्रह पर एमएम लवलीन ने कन्हैया कुमार से पूछताछ के लिए उसकी पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दी। अब कन्हैया को 17 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पुलिस ने कन्हैया कुमार को 12 फरवरी की सुबह गिरफ्तारी के बाद उसी दिन कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस ने कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह, आपराधिक साजिश संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस का आरोप है कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष नौ फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुआ और भारत विरोधी नारे लगाए। उस वक्त जेएनयू परिसर में पाकिस्तान जिंदाबाद और कश्मीर की आजादी के नारे भी लगाए गए थे। आरोपों के समर्थन में पुलिस ने प्रकरण से जुड़ी एक सीडी भी कोर्ट में पेश की थी।
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देश विरोधी नारों की मजिस्ट्रेट जांच शुरू

दिल्ली पुलिस, जेएनयू प्रशासन के बाद विश्वविद्यालय परिसर में लगे देश विरोधी नारों के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच भी शुरू कर दी गई है। शनिवार को केजरीवाल सरकार के आदेश के बाद सोमवार को नई दिल्ली डीएम कार्यालय की ओर से जेएनयू प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी गई है। मजिस्ट्रेट जांच के दौरान इससे जुड़े सभी पक्षों समेत पुलिस से भी रिपोर्ट तलब की जाएगी।

दरअसल, देश विरोधी नारों की निंदा के साथ केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निर्दोषों को निशाना बनाने का आरोप लगाकर केजरीवाल सरकार ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने का फैसला लिया था।

सूत्रों की मानें तो पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट के बाद इस मामले में दूसरे पक्षों समेत पुलिस से पूरे घटना की रिपोर्ट ली जाएगी। जेएनयू प्रशासन से इस पूरे आयोजन व उसे कराने वाले और उसमें शामिल लोगों की भी जानकारी मांगी गई है।

बताते चलें कि जेएनयू के इस पूरे विवाद की यह तीसरी जांच है। इसकी पहले से ही जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने एक उच्चस्तरीय कमेटी जांच के लिए बिठा चुकी है। दिल्ली पुलिस अलग ही इस पूरे मामले की जांच के साथ एक गिरफ्तारी कर रही है।
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