हाईकोर्ट में आप के बागी विधायक अनिल वाजपेयी व कर्नल देवेंद्र सेहरावत की अपील पर शुक्रवार को संक्षिप्त सुनवाई हुई। दोनों विधायकों ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी है। याचिका पर अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
एकल पीठ ने आठ जुलाई को इन विधायकों की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उनके खिलाफ शिकायत पर सुनवाई से विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को अलग करने तथा सुनवाई के लिए कमेटी बनाने का आग्रह किया था।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ के समक्ष अनिल वाजपेयी व देवेंद्र सेहरावत की ओर से अधिवक्ता चेतन शर्मा व अन्य वकीलों ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष उनके खिलाफ शिकायत पर सुनवाई से अलग किया जाए और सुनवाई के लिए कमेटी का गठन किया जाए।
याचिकाकर्ताओं का दावा कि राम निवास गोयल स्पीकर होने के बाद भी पार्टी की टोपी पहन कर चुनाव प्रचार में शामिल हुए। इतना ही नही वह आतिशी मर्लिना के चुनाव प्रचार में भी शामिल हुए। इसलिए उनसे निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।
एकल पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जो प्रक्रिया राम निवास गोयल ने अपनाई है उसमें कोई खामी नहीं है। कोर्ट ने विधायकों की उस दलील को भी खारिज कर दिया था कि अध्यक्ष को पहले उनकी शिकायत का निबटारा करना चाहिए था जिसमें उन्होंने अध्यक्ष पर ही पक्षपात का आरोप लगाया था।
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