राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना संदिग्ध पाए जाने के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने उन सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की जांच के आदेश दिए हैं जो कोरोना के मरीजों की देखभाल और इलाज कर रहे हैं। दिल्ली के पांच सरकारी अस्पतालों में सैंपल एकत्रित होने के बाद कश्मीरी गेट स्थित एनसीडीसी की लैब में जांच होगी। जांच के लिए 24 घंटे का वक्त भी तय किया है।
विभाग के अनुसार इन दिनों दिल्ली सरकार के पांच अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध और संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें लोकनायक के अलावा जीटीबी, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी, डीडीयू और भीमराव आंबेडकर अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में कोविड-19 के लिए तैनात डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की जांच होगी। इसके अलावा पांचों अस्पताल में भर्ती गंभीर सांस रोगियों की जांच के लिए सैंपल भी लेना शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार तक दिल्ली में कोरोना वायरस से 36 लोग संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से पांच को छुट्टी दी जा चुकी है। जबकि एक महिला मरीज ने आरएमएल अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसके अलावा एक मरीज दिल्ली छोड़कर सिंगापुर जा चुका है। उन्होंने बताया कि लोकनायक में 25, राजीव गांधी में 18, जीटीबी में 12, डीडीयू में 16 और भीमराव आंबेडकर अस्पताल में 15 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। इनके अलावा केंद्र सरकार के आरएमएल में 32 और सफदरजंग अस्पताल में 33 संदिग्ध मरीजों का उपचार चल रहा है।