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#LadengeCoronaSe: दिल्ली के किसी भी शेल्टर होम में मुफ्त भोजन कर सकेंगे गरीब, मिलेंगे 5,000 रुपये!

Thu, 26 Mar 2020 05:42 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • बिना रजिस्टर्ड लोगों को भी मिलेगी पूरी मदद
  • सरकार ने की सभी के इलाज की व्यवस्था
  • पेंशन धारकों की पेंशन दोगुनी, राशन डेढ़ गुना हुआ
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CoronaVirus- Shelter in Delhi - फोटो : Social Media
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने व्यवस्था की है कि राजधानी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। चाहे किसी के पास रजिस्टर्ड मजदूर होने का प्रमाण पत्र हो या नहीं, कोई भी व्यक्ति दिल्ली सरकार के रैन बसेरों/शेल्टर होम में जाकर दोनों टाइम मुफ्त भोजन कर सकता है।
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इस दौरान जो लोग रजिस्टर्ड हैं, उन्हें दिल्ली सरकार के श्रम मंत्रालय के माध्यम से पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह मदद तुरंत दी जाएगी। लेकिन जो लोग किन्हीं कारणों से अभी तक श्रम विभाग में मजदूर के तौर पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार इन नए लोगों को भी खुद को रजिस्टर कराने का अवसर दे रही है।

ये नए लोग भी रजिस्ट्रेशन के बाद आर्थिक मदद के हकदार होंगे। तब तक उनके या उनके परिवार को भूख से परेशान न होना पड़े, इसके लिए हर क्षेत्र में मुफ्त भोजन शेल्टर के माध्यम से भोजन कराया जा रहा है। इसके लिए आसपास के किसी भी एसडीम कार्यालय, नाईट शेल्टर होम्स या श्रम विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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दिल्ली सरकार के पास 37,127 कंस्ट्रक्शन मजदूरों का रजिस्ट्रेशन है जिन्हें तत्काल पांच-पांच हजार रूपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। जबकि 9149 लोगों का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हो पाया हैं। इनका रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही इन्हें भी आर्थिक मदद उपलब्ध करवा दी जाएगी।

इतनी जगहों पर की जा रही सहायता

दिल्ली में लगभग 234 जगहों पर गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दक्षिण दिल्ली जिले के जिलाधिकारी बीएम मिश्रा ने अमर उजाला को बताया कि अकेले उनके जिले में 15 जगहों पर गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें सुबह-शाम का भोजन और पेयजल शामिल है।

राधा स्वामी सत्संग धार्मिक संगठन के लोग गरीबों के लिए पैकेट में भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्हें ही बांटा जा रहा है। कुछ अन्य समाज सेवी संस्थाओं ने भी इस कार्य में सहायता की है। रैन बसेरों में सैनिटाइजर और हाथ धुलने की उचित व्यवस्था की गई है। 

पूरी दिल्ली में 18 हजार से अधिक लोगों को दोनों टाइम का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जरूरतमंदों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन को अभी भी इन लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

भविष्य में होगा इसका इस्तेमाल  

दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक यह कदम उन गरीब लोगों को भूख से बचाने के लिए उठाया गया है जो दिहाड़ी मजदूरों की भांति काम करते हैं, सड़कों या किसी भवन के सामने सो जाते हैं, और जिनके लिए किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।

लेकिन सरकार इन सभी लोगों का रजिस्ट्रेशन भी कराने पर विचार कर रही है। इसके लिए उन्हें किसी विशेष प्रकार के कागज प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन पहचान सुनिश्चित रखने के लिए अधिकारी अपने स्तर पर फैसला ले सकेंगे।

यह इसलिए किया जा रहा है ताकि राहत राशि के नाम पर कोई धांधली न की जा सके। बाद में यही रिकॉर्ड उनके लिए भविष्य की योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

कई एजेंसियां जुटीं काम पर  

गरीबों को मुफ्त भोजन पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार का पूरा प्रशासन इस कार्य में लगा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक इस कार्य में जिलाधिकारियों, स्थानीय उपजिलाधिकारियों, डिजास्टर मैनेजमेंट, श्रम कल्याण बोर्ड और अन्य विभाग के कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।

इसके लिए कई समाज सेवी संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों की भी मदद ली जा रही है। कई संस्थाओं ने अपने स्तर पर भी लोगों को भोजन मुहैया कराने की पहल करते हुए सरकार के काम में हाथ बढ़ाया है।

अभी सरकार ने की है ये व्यवस्था

दिल्ली सरकार ने अपने अधीन आने वाले 72 लाख राशन धारकों को डेढ़ गुना राशन प्रति माह उपलब्ध कराने का निर्देश पारित कर दिया है। लगभग 8.5 लाख वृद्ध, विकलांग और विधवा पेंशन का लाभ लेने वालों की पेंशन भी बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है।

इसके आलावा केंद्र सरकार ने भी देश के 80 करोड़ लोगों को सस्ती दर पर चावल और गेंहू उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस तरह कोशिश है कि राजधानी के किसी भी परिवार के सामने भूखे रहने की नौबत न आए।
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घर पहुंचेगा राशन

कुछ ऑनलाइन कम्पनियों के द्वारा इस बात की शिकायत की गई थी कि उनके कर्मचारियों को जरूरी सामान की डिलीवरी करने के समय पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है।

लेकिन दिल्ली सरकार के अनुरोध पर दिल्ली पुलिस की तरफ से इन कंपनियों के सभी फील्ड कर्मचारियों को ई-पास जारी किये जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर एसके श्रीवास्तव ने बताया है कि जरूरी समानों की डिलीवरी में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को आश्वासन दिया है कि किसी भी जरूरी सामान की डिलीवरी उनके घर तक तक की जाएगी और इसके लिए किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

एजेंसियों की इस पहल के बाद ऑनलाइन कंपनियों ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है और दो दिन की बंदी के बाद अब उन्होंने आर्डर लेना शुरू कर दिया है।
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