पश्चिमी यूपी में आतंक का पर्याय बना राहुल खट्टा गाजियाबाद पुलिस के भी ‘रडार’ पर था। खट्टा ने दो साल पहले गाजियाबाद के भट्टा व्यापारी नवीन जिंदल का पिलखुवा से अपहरण किया था।
मेरठ पुलिस ने सरधना क्षेत्र में एक ट्यूबवेल से उसे बरामद किया था। इस अपहरण कांड में उसने करोड़ों रुपये की फिरौती व्यापारी के परिजनों से मांगी थी। राहुल खट्टा एनसीआर में भी कई घटना को भी अंजाम दिया था।
खट्टा के एनकाउंटर के बाद गाजियाबाद के व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली है। राहुल खट्टा से पहले 10 लाख का इनामी बदमाश अमित भूरा पश्चिमी यूपी का मोस्ट वांटेड बदमाश था। पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चुकी है।
अप्रैल महीने में 50 हजार के इनामी बदमाश हरेंद्र खड़खड़ी की गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद पुलिस राहुल खट्टा की तलाश में जुटी हुई थी। गाजियाबाद समेत एनसीआर के व्यापारियों में भी राहुल खट्टा का आतंक था। दूसरे बदमाश भी उसके नाम का इस्तेमाल करने लगे थे।
सिहानी गेट थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यापारी से राहुल खट्टा के नाम पर लाखों की रंगदारी मांगी गई थी। सिहानी गेट पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया था। हालांकि रंगदारी मांगने वाला व्यापारी का ही जानकार निकला।
कुछ माह पूर्व कविनगर क्षेत्र से एक व्यक्ति को कार समेत अगवा कर लूटपाट करने के मामले में भी राहुल खट्टा का नाम प्रकाश में आया था। सूत्रों के मुताबिक चिरौड़ी के जंगल में फायरिंग कर वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
सपा व्यापारी नेता नरेंद्र कुमार नंदी ने पुलिस की इस कामयाबी की सराहना की है। उनका कहना है कि गाजियाबाद के व्यापारियों में राहुल खट्टा को लेकर जो भय था, वह समाप्त हो जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, राहुल खट्टा पर 32 केस दर्ज थे, वह बागपत के खट्टा प्रहलाद पुर गांव, चांदीनगर थाने का रहने वाला था।
2009 में उसने जानलेवा हमले के एक मामले से अपराध की दुनिया में कदम रखा था, वर्ष 2010 में उस पर गैंगस्टर लगी थी। बागपत में 17, मेरठ में तीन, रामपुर में दो, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा में उस पर एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है।