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केजरीवाल को HC का झटका, VVPAT मशीनों से चुनाव कराने की याचिका खारिज

Sat, 22 Apr 2017 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल
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हाई कोर्ट ने आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ वोटर वैरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) इस्तेमाल करने की मांग संबंधी आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका खारिज कर दी।  
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न्यायमूर्ति एके पाठक ने भारतीय चुनाव आयोग व दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के तर्को पर सहमति जताई कि मतदान 23 अप्रैल को तय है और वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप को कोई आधार नहीं है। 

उन्होंने कहा एक दिन में 13 हजार मशीनों को बदलना संभव नहीं है, इस समय आयोग को किसी भी प्रकार कर निर्देश देना उचित नहीं है। ऐसे में वे याचिका खारिज करते है।            
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दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के अधिवक्ता सुमित पुष्करणा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि 23 अप्रैल को चुनाव है, ऐसे में पूरी दिल्ली में ईवीएम मशीन बदलना व वीवीपैट का इस्तेमाल कर पाना संभव नहीं है। 

कोर्ट ने दिए ये तर्क

अरविंद केजरीवाल
उन्होंने तर्क रखा कि ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ संभव नहीं है और याची के तर्क उचित नहीं है। वहीं चुनाव आयोग ने भी ईवीएम मशीनें पूरी तरह से सुरक्षित है और इनमें किसी भी प्रकार के छेड़छाड के तर्क को गलत ठहराया।  
          
आप व नेहरु विहार वार्ड से आप प्रत्याशी हाजी ताहिर हुसैन की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने तर्क रखा कि निगम चुनाव में जेनरेशन 2 ईवीएम मशीन इस्तेमाल की जाए, क्योंकि इनके साथ वीवीपैट उपयोग में लाया जा सकता है। 

उन्होंने कहा कि 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने जेनरेशन 2 ईवीएम मशीन को सुरक्षित बताते हुए उनका इस्तेमाल करने को कहा था। ऐसे में आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश मानने को बाध्य है।
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क्या है वीवीपैट?      

evm - फोटो : अमर उजाला
वोटर वैरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) एक प्रणाली है जो मतदाता को बैलेट पेपर के बगैर वोटिंग करने पर मतदान संबंधी जानकारी देती है। इस व्यवस्था के तहत मतदाता के वोट डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। 

इस पर जिस उम्मीवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ पर्ची का मिलान किया जा सके।         
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