प्रदेश में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए अब प्रदेश सरकार अखाड़ों को गोद लेगी। पहले चरण में 100 अखाड़ा का चयन किया गया है। इसके बाद हर साल इस संख्या में इजाफा किया जाएगा। 23 मार्च को शहीदी दिवस के दिन एक करोड़ के ईनामी दंगल के समापन के मौके पर इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे।
दरअसल, ओलंपिक, एशियन से लेकर नेशनल खेलों में हरियाणा के पहलवान अपनी पहचान छोड़ चुके हैं। यहां की माटी से पहलवानों का खासा ताल्लुक होने के कारण अब खेल विभाग इसे अब घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। शुरुआती चरण में खेल विभाग में रजिस्टर्ड 100 अखाड़ों का चयन किया गया है।
इसमें बेहतर सुविधाएं खेल विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षक भी उपलब्ध होंगे। इसमें खिलाडिय़ों के जिम और प्रैक्टिस के लिए मैट होगा। जबकि अभी तक जितने भी अखाड़े चल रहे हैं, वहां खिलाड़ी मिट्टी पर प्र्रैक्टिस करते हैं। एक बड़े हॉल में यह सभी सुविधाएं खिलाडिय़ों को दिया जाने का खाका खेल विभाग ने तैयार कर लिया है। इसकी घोषणा होने के बाद इस पर अमल शुरू कर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खिलाडिय़ों का मैट पर प्रैक्टिस करना और जिम करने से मांस-पेशियों में मजबूती आती है। बता दें कि गुडग़ांव में केवल एक रजिस्टर्ड अखाड़ा है, जबकि यहां पर 17 अखाड़ा चल रहे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरे जिलों के रजिस्टर्ड अखाड़ों को इससे फायदा होगा। इनमें रोहतक, भिवानी, सोनीपत, हिसार, झज्जर आदि जिलों के खिलाडिय़ों को लाभ मिलेगा।
जगदीप सिंह, निदेशक, खेल विभाग के मुताबिक अखाड़ों को गोद लेने की योजना खेल विभाग ने तैयार किया है। इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री के करने के बाद विस्तार से जानकारी दी जाएगी।