गौरव ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहता है। वह घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करना चाहता है। घर की दशा को देखते हुए दसवीं कर लेना ही एक सपने की तरह था वहीं जिले को टॉप कर लेना बहुत कुछ हासिल करने के बराबर है।
हार्ड वर्क से ज्यादा करता हूं स्मार्ट वर्क
गौरव ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि वह हार्ड वर्क से ज्यादा स्मार्ट वर्क में विश्वास करते हैं। वह कामों को विभाजित करते हैं। रात में नींद नहीं आए उसके लिए सबसे रुचि का विषय रात को पढ़ते हैं। वहीं कम रुचि का विषय दिन में या कक्षा में पढ़ते हैं। वह स्कूल से तीन बजे आने के बाद चार बजे से छह बजे तक घर पर पढ़ता फिर रात को नौ बजे से बारह बजे तक पढ़ता। सुबह घर में मां की मदद करने के साथ में पढ़ाई करता था।
अंक मिले
अंग्रेजी- 99
गणित- 100
सामाजिक विज्ञान- 98
विज्ञान- 99
संस्कृत- 99