दिल्ली में नरेंद्र मोदी के रथ के सारथी डॉ. हर्षवर्धन होंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद प्रोजेक्ट करने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिल्ली विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष पद से विजय गोयल का त्यागपत्र स्वीकार कर पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. हर्षवर्धन को दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
इस तरह से दिल्ली भाजपा को नया अध्यक्ष मिल गया है। नियुक्ति के साथ ही यह चर्चा तेज हो गई कि अब दिल्ली भाजपा नई उर्जा और नई टीम के साथ लोकसभा चुनाव में उतरेगी।
चुनाव समिति में भी होगा फेरबदल
अध्यक्ष के बदलने के साथ ही दिल्ली भाजपा में नई कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी चुनाव समिति में भी फेरबदल होना तय है। नए अध्यक्ष के सामने दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
पिछले लोकसभा यानी 2009 के चुनाव में पार्टी का खाता भी नहीं खुला था और कांग्रेस के पाले में सातों सीटें चली गई थी।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले ही यह मान लिया गया था कि विजय गोयल को राष्ट्रीय राजनीति में भेजा जाएगा। हर्षवर्धन पहले भी पांच साल तक इस पद पर रह चुके है। 2003 से 2008 तक वे प्रदेश अध्यक्ष थे।
1993 में पहली बार बने थे विधायक
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता हैं। 59 साल के हर्षवर्धन पेशे से ईएनटी सर्जन हैं। हर्षवर्धन ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1993 में कृष्णानगर विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक चुने गए और भाजपा सरकार में स्वास्थ्य और कानून मंत्री रहे।
स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत की जो काफी सफल रहा। दिल्ली सरकार में वे शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। इसके बाद वे 2013 तक लगातार विधायक रहे।
डॉ. हर्षवर्धन ने कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस और एमएस की डिग्री हासिल की। पिछले विधानसभा में उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया था। फिलहाल वे भाजपा विधायक दल के नेता भी हैं।